गांधीनगर, विशेष संवाददाता | वेब वार्ता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के गांधीनगर में जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। इस दौरान पीएम मोदी ने भारत-जर्मनी संबंधों को मजबूत बताते हुए कहा कि दोनों देश करीबी सहयोगी हैं। उन्होंने कहा कि भारत में आज 2000 से ज्यादा जर्मन कंपनियां काम कर रही हैं, जो जर्मनी के भारत के प्रति अटूट विश्वास को दर्शाता है।
हायर एजुकेशन और हेल्थकेयर में नया रोडमैप
पीएम मोदी ने कहा, “आज हायर एजुकेशन पर बना रोडमैप शिक्षा के क्षेत्र में हमारी साझेदारी को नई दिशा देगा। भारत में हम जर्मनी के विश्वविद्यालयों को आने का निमंत्रण देते हैं। भारत और जर्मनी के बीच हेल्थकेयर प्रोफेशनल की आवाजाही हो रही है।”
तकनीकी सहयोग और ऐतिहासिक संबंध
प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देश कई क्षेत्रों में मिलकर नई परियोजनाएं आगे बढ़ा रहे हैं। भारत और जर्मनी का तकनीकी सहयोग हर साल मजबूत हुआ है। 2000 से जर्मन कंपनियां लंबे समय से भारत में काम कर रही हैं। दोनों देशों के बीच विश्वास और निवेश संबंध मजबूत हैं।
75 साल पुराने राजनयिक संबंधों का जिक्र
पीएम मोदी ने कहा, “पिछले साल हमने अपनी रणनीतिक साझेदारी के 25 साल पूरे किए और इस साल हम अपने राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष भी मना रहे हैं। भारत और जर्मनी हर क्षेत्र में मिलकर काम कर रहे हैं। आज हुए समझौते से रिश्तों में मजबूती और ज्यादा बढ़ जाएगी।”
रक्षा व्यापार और पार्टनरशिप को नई ऊर्जा
प्रधानमंत्री ने रक्षा व्यापार से जुड़ी प्रक्रिया को आसान करने के लिए चांसलर मर्ज का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “रक्षा और सुरक्षा में बढ़ता सहयोग हमारे आपसी भरोसे और साझी सोच का प्रतीक है। बढ़ते व्यापार और निवेश संबंधों ने हमारी स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप को नई ऊर्जा दी है। भारत सभी समस्याओं और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान का पक्षधर रहा है।”
गाजा और यूक्रेन संकट पर भी हुई बात
दोनों नेताओं ने गाजा और यूक्रेन संकट पर भी विस्तार से चर्चा की। पीएम मोदी ने शांतिपूर्ण समाधान की वकालत करते हुए कहा कि भारत हमेशा संवाद और बातचीत के पक्ष में रहा है।
प्रमुख बिंदु एक नजर में
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| मुख्य संदेश | भारत-जर्मनी करीबी सहयोगी, 2000+ जर्मन कंपनियां भारत में |
| शिक्षा क्षेत्र | जर्मनी के विश्वविद्यालयों को भारत में निमंत्रण |
| ऐतिहासिक संबंध | राजनयिक संबंधों के 75 साल पूरे हो रहे हैं |
| रक्षा सहयोग | प्रक्रिया आसान करने के लिए आभार |
| समझौते | आज हुए समझौते से साझेदारी मजबूत होगी |
| वैश्विक मुद्दे | गाजा और यूक्रेन संकट पर चर्चा |
पीएम मोदी और चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की द्विपक्षीय वार्ता ने भारत-जर्मनी संबंधों को नई ऊर्जा दी है। शिक्षा, रक्षा, व्यापार और तकनीकी सहयोग में मजबूती के साथ-साथ दोनों देशों ने वैश्विक शांति और संवाद पर भी एकमत जताया। यह यात्रा दोनों देशों के लिए ऐतिहासिक है और आने वाले समय में साझेदारी को और गहरा बनाएगी।
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