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पीएम मोदी की वैश्विक कूटनीति को नई धार: AI Impact Summit 2026 में नेताओं से द्विपक्षीय वार्ता, इंफ्रास्ट्रक्चर और हेल्थकेयर सहयोग पर जोर

नयी दिल्ली, इंटरनेशनल डेस्क | वेब वार्ता

AI Impact Summit 2026:

इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व के कई प्रमुख नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ताएं कर इंफ्रास्ट्रक्चर, हेल्थकेयर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कनेक्टिविटी और वैश्विक सहयोग जैसे अहम विषयों पर विस्तृत चर्चा की। इन बैठकों का उद्देश्य भारत की वैश्विक भूमिका को और सशक्त बनाना तथा विकासोन्मुखी साझेदारियों को नई दिशा देना रहा।

प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर लिकटेंस्टीन, श्रीलंका, संयुक्त राष्ट्र और स्लोवाकिया के शीर्ष नेतृत्व से संवाद कर भारत के रणनीतिक और आर्थिक हितों को वैश्विक मंच पर प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया।

किन वैश्विक नेताओं से हुई मुलाकात

AI Impact Summit 2026 के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने निम्न प्रमुख नेताओं से द्विपक्षीय बैठकें कीं —

  • लिकटेंस्टीन के प्रिंस एलोइस फिलिप मारिया
  • श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके
  • संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस
  • स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी

इन बैठकों के माध्यम से भारत ने राजनीतिक, तकनीकी और आर्थिक सहयोग के नए रास्ते खोलने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की।

संयुक्त राष्ट्र के साथ AI और वैश्विक सुधारों पर चर्चाywAAAAAAQABAAACAUwAOw==

प्रधानमंत्री मोदी और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के बीच AI के जिम्मेदार और समावेशी उपयोग को लेकर गहन चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि AI का विकास मानव कल्याण, समान अवसर और वैश्विक संतुलन के अनुरूप होना चाहिए।

बैठक में संयुक्त राष्ट्र (United Nations) सुधार, विकासशील देशों की भागीदारी और ग्लोबल साउथ की आवाज को वैश्विक मंचों पर मजबूत करने पर भी विचार साझा किए गए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि डिजिटल युग में अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं को समावेशी और पारदर्शी बनाना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

भारत-श्रीलंका सहयोग के नए आयामywAAAAAAQABAAACAUwAOw==

श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके के साथ बैठक में भारत-श्रीलंका संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने पर सहमति बनी।

दोनों देशों के बीच निम्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई —

  • ऊर्जा और बिजली परियोजनाएं
  • समुद्री और डिजिटल कनेक्टिविटी
  • इंफ्रास्ट्रक्चर विकास
  • हेल्थकेयर और मेडिकल सहयोग
  • स्किल डेवलपमेंट
  • संस्कृति और पर्यटन
  • ब्लू इकॉनमी

बैठक में दोनों नेताओं ने हाल के वर्षों में द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा की और भविष्य की रणनीति पर सहमति जताई।

यूरोपीय देशों के साथ रणनीतिक संवाद

लिकटेंस्टीन के प्रिंस एलोइस फिलिप मारिया
लिकटेंस्टीन के प्रिंस एलोइस फिलिप मारिया के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी के साथ

प्रधानमंत्री मोदी ने लिकटेंस्टीन के प्रिंस एलोइस फिलिप मारिया और स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी के साथ यूरोप-भारत सहयोग को लेकर चर्चा की।

इन बैठकों में निवेश, ग्रीन एनर्जी, स्टार्टअप, डिजिटल टेक्नोलॉजी और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया।

यूरोपीय देशों ने भारत को एशिया में एक भरोसेमंद रणनीतिक साझेदार बताते हुए दीर्घकालिक सहयोग की प्रतिबद्धता जताई।

इंफ्रास्ट्रक्चर और हेल्थकेयर पर विशेष फोकस

प्रधानमंत्री मोदी ने सभी बैठकों में इंफ्रास्ट्रक्चर और हेल्थकेयर को विकास का आधार स्तंभ बताया।

उन्होंने कहा कि बेहतर परिवहन नेटवर्क, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं किसी भी देश की आर्थिक मजबूती की रीढ़ होती हैं।

भारत ने अपने आयुष्मान भारत, डिजिटल हेल्थ मिशन और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के अनुभव अन्य देशों के साथ साझा करने की पेशकश भी की।

AI डिप्लोमेसी में भारत की बढ़ती भूमिका

AI Impact Summit 2026 में प्रधानमंत्री मोदी ने “AI for All” के सिद्धांत को दोहराते हुए कहा कि तकनीक का लाभ केवल कुछ देशों तक सीमित नहीं रहना चाहिए।

भारत ने वैश्विक मंच पर डेटा सुरक्षा, साइबर सिक्योरिटी और एथिकल AI के लिए एक साझा फ्रेमवर्क बनाने का प्रस्ताव रखा।

मुख्य तथ्यों का सार

विषयविवरण
कार्यक्रमAI Impact Summit 2026
नेतृत्वप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
मुख्य विषयAI, इंफ्रास्ट्रक्चर, हेल्थकेयर
प्रमुख साझेदारश्रीलंका, UN, यूरोपीय देश
फोकसग्लोबल साउथ, टेक्नोलॉजी सहयोग

भविष्य पर संभावित प्रभाव

विशेषज्ञों के अनुसार, इन उच्चस्तरीय बैठकों से भारत की वैश्विक कूटनीति को नई मजबूती मिलेगी। इससे — निवेश बढ़ेगा, तकनीकी सहयोग गहरा होगा, और भारत की रणनीतिक साख और मजबूत होगी।

साथ ही, AI और हेल्थकेयर में सहयोग विकासशील देशों के लिए नए अवसर पैदा करेगा।

निष्कर्ष

AI Impact Summit 2026 के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई द्विपक्षीय वार्ताएं भारत की सक्रिय और दूरदर्शी विदेश नीति का प्रतीक हैं। इन बैठकों से स्पष्ट है कि भारत अब केवल एक उभरती अर्थव्यवस्था नहीं, बल्कि वैश्विक नीतिनिर्माण में एक निर्णायक भूमिका निभाने वाला देश बन चुका है।

इंफ्रास्ट्रक्चर, हेल्थकेयर और AI पर केंद्रित यह कूटनीति आने वाले वर्षों में भारत को वैश्विक नेतृत्व की दिशा में और आगे ले जाने वाली है।

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ये भी पढ़ें: पीएम मोदी की एस्टोनिया के राष्ट्रपति अलार कारिस से मुलाकात, द्विपक्षीय सहयोग पर हुई अहम चर्चा

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