नई दिल्ली, रिपोर्टर डेस्क | वेब वार्ता
पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को शुक्रवार देर रात पटना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के तुरंत बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके चलते उन्हें पहले IGIMS में भर्ती कराया गया। बाद में डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) रेफर कर दिया गया। फिलहाल PMCH में चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। यह कार्रवाई 31 साल पुराने धोखाधड़ी मामले में अदालत के आदेश के बाद की गई है।
गिरफ्तारी का पूरा ब्योरा: आधी रात का घटनाक्रम
पटना सिटी के एसपी भानु प्रताप सिंह अपनी टीम के साथ शुक्रवार रात करीब 12 बजे सांसद के आवास पहुंचे। अदालत में निर्धारित तिथि पर पेश न होने के कारण उनकी जमानत रद्द हो गई थी, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
गिरफ्तारी के दौरान समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया और कुछ देर के लिए तनाव की स्थिति बन गई। हालांकि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए सांसद को सुरक्षित हिरासत में ले लिया।
स्वास्थ्य स्थिति और अस्पताल में इलाज
| क्रम | चरण | विवरण |
|---|---|---|
| 1 | प्रारंभिक भर्ती | गिरफ्तारी के बाद IGIMS में मेडिकल जांच |
| 2 | रेफरल | बेहतर इलाज हेतु PMCH रेफर |
| 3 | वर्तमान स्थिति | PMCH में डॉक्टरों की निगरानी में उपचार |
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद सांसद को स्ट्रेचर पर अस्पताल ले जाया गया। IGIMS में बेड की उपलब्धता और चिकित्सकीय सलाह के बाद उन्हें PMCH शिफ्ट किया गया।
31 साल पुराना मामला: मकान धोखाधड़ी का आरोप
यह मामला वर्ष 1995 से जुड़ा है और पटना के गर्दनीबाग थाना क्षेत्र में दर्ज हुआ था। शिकायतकर्ता विनोद बिहारी लाल ने आरोप लगाया था कि पप्पू यादव समेत तीन अभियुक्तों ने उनके मकान को धोखे से किराए पर लिया।
शिकायत के अनुसार, किराए के समय यह छिपाया गया था कि मकान का इस्तेमाल सांसद के कार्यालय के रूप में किया जाएगा। बाद में इसकी जानकारी होने पर मकान मालिक ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।
हाल ही में विशेष अदालत ने इस मामले में अभियुक्तों की संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया था और न्यायिक हिरासत में भेजने का निर्देश जारी किया।
समर्थकों की प्रतिक्रिया और राजनीतिक हलचल
पप्पू यादव के समर्थकों ने गिरफ्तारी को राजनीतिक साजिश बताया है। उनका कहना है कि पुराने मामलों को दोबारा उठाकर सांसद को परेशान किया जा रहा है।
गिरफ्तारी के दौरान उनके आवास के बाहर बड़ी संख्या में समर्थक जमा हो गए थे, जिसके चलते पुलिस को अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था करनी पड़ी।
- समर्थकों ने गिरफ्तारी पर आपत्ति जताई
- न्यायिक हिरासत के खिलाफ अपील की तैयारी
- पटना में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई
आगे क्या?
पुलिस ने बताया कि सांसद को एमपी-एमएलए विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। इस दौरान आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी। वहीं, उनके समर्थक कानूनी सलाह लेकर राहत की कोशिशों में जुटे हैं।
निष्कर्ष
पप्पू यादव की गिरफ्तारी और उसके बाद उनकी बिगड़ी तबीयत ने बिहार की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। 31 साल पुराने मामले में हुई यह कार्रवाई जहां कानून व्यवस्था की सख्ती को दर्शाती है, वहीं इससे राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है। अब सबकी नजरें अदालत के आगामी फैसले और सांसद की सेहत पर टिकी हैं।
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