नीरव मोदी को बड़ा झटका: लंदन हाई कोर्ट ने प्रत्यर्पण रोकने की याचिका खारिज की

हाई कोर्ट से नीरव मोदी को झटका

लंदन, 26 मार्च (वेब वार्ता)। भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी को ब्रिटेन के हाई कोर्ट (King’s Bench Division) से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने उसकी उस नई याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उसने भारत प्रत्यर्पण के खिलाफ केस को दोबारा खोलने की मांग की थी।

री-ओपन याचिका में नहीं मिला आधार

हाई कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि नीरव मोदी की याचिका में कोई ऐसी असाधारण वजह नहीं है, जिसके आधार पर केस को दोबारा खोला जाए। इस फैसले के साथ ही उसकी एक और कानूनी कोशिश विफल हो गई और विकल्प सीमित हो गए हैं।

CPS और CBI की मजबूत पैरवी

इस मामले में ब्रिटेन की Crown Prosecution Service (CPS) ने मजबूत पैरवी की। वहीं भारत की CBI टीम भी लंदन में मौजूद रही और उसने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नीरव मोदी ने अपनी दलील में कहा था कि भारत भेजे जाने पर उसके साथ गलत व्यवहार हो सकता है, लेकिन कोर्ट ने इस तर्क को खारिज कर दिया।

2019 से ब्रिटेन की जेल में बंद

नीरव मोदी 2019 में ब्रिटेन में गिरफ्तार हुआ था और तब से जेल में बंद है। उस पर पंजाब नेशनल बैंक (PNB) से करीब 6498 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है। इससे पहले भी ब्रिटेन की अदालतें उसके प्रत्यर्पण को मंजूरी दे चुकी हैं और उसकी कई अपीलें खारिज हो चुकी हैं।

कानूनी विकल्प हुए सीमित

अगस्त 2025 में मामले की बड़ी कानूनी बाधा भी दूर हो चुकी थी। अब नई याचिका खारिज होने के बाद नीरव मोदी के पास विकल्प और कम हो गए हैं। इसे भारत सरकार और जांच एजेंसियों के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है।

प्रत्यर्पण का रास्ता हुआ साफ

इस फैसले के बाद भारत में चल रहे बड़े बैंक घोटाले के मामले में आगे की कार्रवाई का रास्ता और साफ हो गया है। अब नीरव मोदी को भारत लाने की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद जताई जा रही है।

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