नई दिल्ली, नेशनल डेस्क | वेब वार्ता
Natural Gas Supply Regulation Order 2026 के तहत केंद्र सरकार ने वैश्विक गैस आपूर्ति में अनिश्चितता को देखते हुए नया गैस आपूर्ति आदेश जारी किया है। Essential Commodities Act, 1955 के अंतर्गत जारी इस आदेश का उद्देश्य देश में प्राकृतिक गैस की उपलब्धता को नियंत्रित करना और जरूरी क्षेत्रों में इसकी आपूर्ति सुनिश्चित करना है। Natural Gas Supply Regulation Order 2026 के लागू होने से घरों में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) और परिवहन क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाली सीएनजी की आपूर्ति को प्राथमिकता दी जाएगी।
- आदेश: Natural Gas Supply Regulation Order 2026
- कानून: Essential Commodities Act 1955
- प्राथमिकता: PNG और CNG की 100% आपूर्ति
- उद्योग: उर्वरक संयंत्रों को 70% गैस आवंटन
- कदम: रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल गैस आपूर्ति में कटौती संभव
PNG और CNG को दी गई प्राथमिकता
Natural Gas Supply Regulation Order 2026 के अनुसार घरेलू उपयोग के लिए पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) और परिवहन क्षेत्र में उपयोग होने वाली सीएनजी की 100 प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। सरकार का कहना है कि इससे आम नागरिकों और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर किसी प्रकार का प्रभाव नहीं पड़ेगा।
सरकार ने यह कदम वैश्विक गैस आपूर्ति में अनिश्चितता और मध्य पूर्व क्षेत्र में जारी तनाव को देखते हुए उठाया है, जिससे ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर रखा जा सके।
उद्योग और उर्वरक संयंत्रों के लिए गैस आवंटन
Natural Gas Supply Regulation Order 2026 के तहत उर्वरक संयंत्रों को पिछले छह महीनों की औसत खपत का लगभग 70 प्रतिशत गैस उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं उद्योगों, सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क, चाय उद्योग और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को उनकी औसत खपत का करीब 80 प्रतिशत गैस उपलब्ध कराने की योजना है।
सरकार का कहना है कि इन प्राथमिकताओं को पूरा करने के लिए कुछ क्षेत्रों में गैस आपूर्ति में कटौती भी की जा सकती है।
- PNG और CNG की 100% आपूर्ति सुनिश्चित
- उर्वरक संयंत्रों को 70% गैस
- उद्योग और मैन्युफैक्चरिंग को 80% गैस
- रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल इकाइयों में 35% तक कटौती संभव
- जरूरत पड़ने पर बिजली संयंत्रों की गैस आपूर्ति में कमी
वैश्विक गैस संकट का असर
Natural Gas Supply Regulation Order 2026 का निर्णय उस समय लिया गया है जब मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ मार्ग से आने वाली एलएनजी आपूर्ति प्रभावित हुई है। पहले भारत अपनी करीब 30 प्रतिशत गैस इसी मार्ग से प्राप्त करता था।
सरकार अब इस कमी को पूरा करने के लिए अन्य अंतरराष्ट्रीय स्रोतों से गैस खरीद रही है।
सरकार के अनुसार देश की रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और भारत के पास 70 दिनों से अधिक का ईंधन भंडार उपलब्ध है। इसके अलावा एलपीजी उत्पादन में लगभग 10 प्रतिशत वृद्धि भी की गई है, जिससे घरेलू आपूर्ति को स्थिर बनाए रखने में मदद मिलेगी।
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