मुरादाबाद, नेशनल डेस्क | वेब वार्ता
मुरादाबाद में रमजान से पहले 23 फरवरी 2026 को खाद्य सुरक्षा विभाग ने फर्जी ब्रांडिंग और मिलावटखोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए खजूर के दो थोक प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की। कौन – खाद्य सुरक्षा विभाग, क्या – फर्जी ब्रांडिंग पर छापा और जब्ती, कब – फरवरी 2026, कहां – नवीन मंडी समिति, मुरादाबाद, क्यों – उपभोक्ताओं को ठगी और खाद्य मानकों के उल्लंघन से बचाने के लिए, तथा कैसे – गुप्त शिकायत के आधार पर जांच और छापेमारी के जरिए। कार्रवाई में करीब 96 क्विंटल खजूर जब्त किया गया, जिसकी कीमत 8 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है।
रमजान के दौरान खजूर की बढ़ती मांग को देखते हुए कुछ कारोबारी स्थानीय उत्पाद को नामी कंपनियों के पैक में भरकर ऊंचे दामों पर बेच रहे थे, जिससे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य और विश्वास दोनों पर खतरा बढ़ गया था।
नवीन मंडी समिति में छापेमारी, दो प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई
खाद्य विभाग को शिकायत मिली थी कि नवीन मंडी समिति में कुछ थोक विक्रेता लोकल खजूर को ब्रांडेड पैकेट में भरकर बेच रहे हैं। इसके बाद टीम ने ईशा डेट्स और अल-बदूत नामक प्रतिष्ठानों पर छापा मारा।
जांच के दौरान कई पैकेटों पर उपयोग की अंतिम तिथि अंकित नहीं पाई गई, जिसे खाद्य सुरक्षा मानकों का गंभीर उल्लंघन माना गया।
जब्त खजूर और अनुमानित मूल्य
| प्रतिष्ठान / ब्रांड | मात्रा | अनुमानित कीमत |
|---|---|---|
| ईशा डेट्स | 1500 किलोग्राम | ₹1,05,000 |
| अल-बदूत | 7320 किलोग्राम | ₹5,12,400 |
| कार्निया गोल्ड | 828 किलोग्राम | ₹2,07,000 |
| कुल | 96 क्विंटल+ | ₹8 लाख+ |
खाद्य विभाग की टीम ने सभी संदिग्ध माल को मौके पर ही सीज कर दिया और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी।
नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए
दोनों प्रतिष्ठानों से दो-दो नमूने लेकर प्रयोगशाला परीक्षण के लिए भेजे गए हैं, ताकि खजूर की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की पुष्टि की जा सके।
रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पैकेजिंग लाइसेंस नहीं मिलने पर बढ़ी सख्ती
जांच के दौरान प्रतिष्ठानों के पास आयात (इंपोर्ट) लाइसेंस तो मिला, लेकिन पैकेजिंग से संबंधित लाइसेंस उपलब्ध नहीं पाया गया।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए आगे की जांच तेज कर दी है।
अधिकारियों का बयान
सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा राजवंश प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि टीम ने एक घंटे से अधिक समय तक मंडी में जांच की और कई नमूने एकत्र किए।
उन्होंने कहा कि रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर जुर्माना, लाइसेंस रद्द करने और मुकदमा दर्ज करने जैसी कार्रवाई की जाएगी।
रमजान में मिलावटखोरी पर प्रशासन की सख्ती
रमजान के दौरान खाद्य पदार्थों की खपत बढ़ने के कारण प्रशासन ने मिलावटखोरों पर विशेष निगरानी शुरू कर दी है। खजूर, दूध, मिठाई और मसालों की नियमित जांच की जा रही है।
- थोक और खुदरा दुकानों पर नियमित छापे
- खाद्य गुणवत्ता की प्रयोगशाला जांच
- बिना लाइसेंस कारोबार पर सख्ती
- उपभोक्ताओं से शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई
निष्कर्ष
मुरादाबाद में फर्जी ब्रांडिंग के खिलाफ की गई यह कार्रवाई उपभोक्ताओं के हित में एक सख्त संदेश है। खाद्य सुरक्षा विभाग की सक्रियता से यह स्पष्ट हो गया है कि त्योहारों और धार्मिक अवसरों पर मिलावटखोरी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।







