नई दिल्ली, नेशनल डेस्क | वेब वार्ता
माइक्रोन एटीएमपी सुविधा उद्घाटन के तहत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को गुजरात दौरे के दौरान साणंद में माइक्रोन सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की सेमीकंडक्टर असेंबली, टेस्ट और पैकेजिंग (ATMP) इकाई का उद्घाटन किया। इस अवसर के साथ ही साणंद संयंत्र से भारत में निर्मित पहले सेमीकंडक्टर मेमोरी मॉड्यूल का वाणिज्यिक उत्पादन और शिपमेंट शुरू हो गया। यह पहल भारत की सेमीकंडक्टर विनिर्माण यात्रा में एक निर्णायक मोड़ मानी जा रही है और वैश्विक सेमीकंडक्टर मूल्य श्रृंखला में देश की स्थिति को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
केंद्र सरकार के अनुसार, माइक्रोन एटीएमपी सुविधा उद्घाटन भारत को सॉफ्टवेयर से आगे बढ़ाकर हार्डवेयर और वैश्विक सप्लाई चेन के केंद्र में स्थापित करने की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि है। इस परियोजना में 22,500 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हुआ है और यह ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन’ के तहत स्वीकृत पहला प्रस्ताव है।
क्या है माइक्रोन एटीएमपी सुविधा उद्घाटन और इसका औद्योगिक महत्व
ATMP (Assembly, Test and Packaging) सुविधा सेमीकंडक्टर निर्माण प्रक्रिया का वह चरण है, जहां उन्नत DRAM और NAND वेफर्स को तैयार उत्पादों में बदला जाता है। साणंद की यह इकाई लगभग 5 लाख वर्ग फुट के क्लीनरूम स्पेस के साथ विश्व के सबसे बड़े रेज्ड-फ्लोर क्लीनरूम में से एक मानी जा रही है। माइक्रोन एटीएमपी सुविधा उद्घाटन के साथ भारत अब वैश्विक बाजारों के लिए मेमोरी मॉड्यूल तैयार करने की क्षमता प्राप्त कर चुका है।
| परियोजना विवरण | मुख्य तथ्य |
|---|---|
| स्थान | साणंद, गुजरात |
| निवेश | ₹22,500 करोड़ से अधिक |
| क्षेत्रफल (क्लीनरूम) | लगभग 5 लाख वर्ग फुट |
| उत्पाद | DRAM और NAND आधारित मेमोरी मॉड्यूल |
| मिशन | इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन |
प्रधानमंत्री का संबोधन: माइक्रोचिप होगा इस सदी का नियामक
उद्घाटन के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि पिछली सदी को तेल ने संचालित किया, जबकि यह सदी माइक्रोचिप द्वारा संचालित होगी। उन्होंने कहा कि यह दिन भारत की तकनीकी नेतृत्व की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। भारत अब केवल सॉफ्टवेयर राष्ट्र नहीं, बल्कि हार्डवेयर और वैश्विक मूल्य श्रृंखला में महत्वपूर्ण भागीदार बनने की दिशा में आगे बढ़ चुका है।
प्रधानमंत्री ने इसे भारत और अमेरिका के बीच वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को सुरक्षित करने की महत्वपूर्ण साझेदारी का प्रतीक बताया, विशेषकर चिप और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में। उन्होंने कहा कि एमओयू से लेकर वाणिज्यिक उत्पादन तक की तीव्र प्रगति ने दुनिया को संदेश दिया है – भारत तैयार है, विश्वसनीय है और परिणाम देता है।
सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 और पैन-इंडिया इकोसिस्टम
प्रधानमंत्री ने बताया कि सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 के तहत दस प्रमुख परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है और साणंद से लेकर नोएडा और असम तक पैन-इंडिया सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम आकार ले रहा है। बढ़ती इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोबाइल मांग के बीच यह निवेश देश की विनिर्माण आकांक्षाओं को नई दिशा देगा।
इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में रिकॉर्ड वृद्धि
इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सेमीकंडक्टर उद्योग आधारभूत उद्योग है और भारत ने वैश्विक मानचित्र पर अपनी जगह मजबूत की है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में छह गुना वृद्धि और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में आठ गुना वृद्धि दर्ज की गई है। मोबाइल फोन अब देश के प्रमुख निर्यातित उत्पादों में शामिल हो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि अब भारत में डिजाइन की गई चिप्स भारत में ही निर्मित होंगी। इसे उन्होंने ऐतिहासिक क्षण बताते हुए कहा कि देश ने वैश्विक तकनीकी मानचित्र पर अपनी स्थिति सुदृढ़ कर ली है।
युवाओं और उद्योग के लिए नया अवसर
विशेषज्ञों का मानना है कि माइक्रोन एटीएमपी सुविधा उद्घाटन से उच्च कौशल आधारित रोजगार, अनुसंधान और विनिर्माण में नए अवसर खुलेंगे। सितंबर 2023 में इस परियोजना की आधारशिला रखी गई थी और कम समय में वाणिज्यिक उत्पादन तक पहुंचना भारत की औद्योगिक क्षमता और नीतिगत स्थिरता का संकेत माना जा रहा है।
ये भी पढ़ें: मेरठ में पीएम मोदी ने नमो भारत रैपिड रेल और मेट्रो को दिखाई हरी झंडी, दिल्ली–मेरठ अब 55 मिनट में







