मकर संक्रांति 2026: एकादशी तिथि के कारण नहीं बनेगी खिचड़ी, जानें कब खा सकते हैं दही-चूड़ा?

नई दिल्ली | विशेष संवाददाता | वेब वार्ता

इस साल मकर संक्रांति 14 जनवरी 2026 को पड़ रही है, लेकिन पंचांग के अनुसार उसी दिन देवोत्थान एकादशी भी है। शास्त्रों के अनुसार एकादशी के दिन खिचड़ी बनाना और खाना वर्जित माना जाता है, क्योंकि यह तिथि उपवास और भगवान विष्णु की आराधना के लिए समर्पित होती है। ऐसे में कई घरों में इस बार खिचड़ी की जगह अन्य व्यंजन बनाए जाएंगे।

पंचांग के अनुसार तिथियां (2026)

  • मकर संक्रांति: 14 जनवरी 2026 (बुधवार)
  • देवोत्थान एकादशी: 14 जनवरी 2026 (सूर्योदय से सूर्यास्त तक)
  • द्वादशी: 15 जनवरी 2026 (प्रातःकाल से)

इस कारण 14 जनवरी को खिचड़ी बनाना या खाना उचित नहीं माना जा रहा है।

कब खा सकते हैं खिचड़ी और दही-चूड़ा?

ज्योतिषाचार्यों और पंचांग विशेषज्ञों के अनुसार:

  • खिचड़ी – 15 जनवरी 2026 (गुरुवार) को द्वादशी तिथि में बनाकर खाई जा सकती है। यह दिन मकर संक्रांति के बाद का सबसे शुभ दिन माना जा रहा है।
  • दही-चूड़ा (दही-चिवड़ा) – परंपरागत रूप से मकर संक्रांति के दिन ही खाया जाता है। चूंकि 14 जनवरी को एकादशी है, इसलिए अधिकांश परिवार इसे 15 जनवरी को ही खाएंगे। कुछ क्षेत्रों में लोग इसे 14 जनवरी शाम को ही ग्रहण कर लेते हैं, क्योंकि एकादशी का व्रत सूर्यास्त के बाद खत्म हो जाता है।

क्षेत्रीय परंपराएं अलग-अलग

  • उत्तर भारत (उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड): ज्यादातर लोग खिचड़ी और दही-चूड़ा 15 जनवरी को ही खाएंगे।
  • गुजरात-राजस्थान: 14 जनवरी को ही उंधियु, खिचड़ी और चक्की का हलवा बनाते हैं, क्योंकि वहां एकादशी का विशेष महत्व नहीं रखा जाता।
  • महाराष्ट्र: तिलगुड़ और पूरन पोली 14 जनवरी को ही बनती है।

प्रमुख बिंदु एक नजर में

तिथि/घटनातारीखक्या करेंगे?
मकर संक्रांति + एकादशी14 जनवरी 2026 (बुधवार)खिचड़ी वर्जित, दही-चूड़ा शाम को संभव
द्वादशी तिथि15 जनवरी 2026 (गुरुवार)खिचड़ी और दही-चूड़ा खाने का शुभ दिन
मुख्य भोजन15 जनवरीखिचड़ी, दही-चूड़ा, तिल-गुड़, उंधियु आदि
निष्कर्ष: आस्था के साथ परंपरा का पालन

इस बार मकर संक्रांति और एकादशी एक साथ पड़ने से खिचड़ी का त्योहार एक दिन पीछे खिसक गया है। अधिकांश परिवार 15 जनवरी को खिचड़ी, दही-चूड़ा, तिल-गुड़ और अन्य व्यंजनों का आनंद लेंगे। यह त्योहार हमें सूर्य देव की आराधना, नए फसल का स्वागत और परिवार के साथ खुशियां बांटने का संदेश देता है।

शुभ मकर संक्रांति! तिल-गुड़ खाइए और मीठी-मीठी बातें कीजिए!

हमारे व्हाट्सएप्प चैनल को फॉलो करें

ये भी पढ़ें: ‘आओ मिलकर खुशियाँ बाँटें’ कार्यक्रम: लोहड़ी-मकर संक्रांति पर जरूरतमंदों को 200 कंबल व भोजन वितरण, स्वच्छता-स्वास्थ्य जागरूकता शिविर

Author

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img

Latest

spot_img
spot_img

More articles

spot_img
spot_img