गुलमर्ग/नई दिल्ली, स्पोर्ट्स डेस्क | वेब वार्ता
जम्मू-कश्मीर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल गुलमर्ग में 23 फरवरी 2026 को खेलो इंडिया विंटर गेम्स 2026 के छठे संस्करण का भव्य शुभारंभ हुआ। इस प्रतिष्ठित आयोजन का उद्घाटन जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने किया। 26 फरवरी तक चलने वाले इस आयोजन में देशभर से आए 400 से अधिक खिलाड़ी चार प्रमुख शीतकालीन खेलों में पदक के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगे। इस अवसर पर उपराज्यपाल ने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए इसे देश में शीतकालीन खेलों के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
खेलो इंडिया विंटर गेम्स का यह संस्करण न केवल खिलाड़ियों के लिए मंच प्रदान कर रहा है, बल्कि जम्मू-कश्मीर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी अहम भूमिका निभा रहा है।
चार प्रमुख शीतकालीन खेलों में होगा मुकाबला
इस वर्ष प्रतियोगिता में चार प्रमुख शीतकालीन खेलों को शामिल किया गया है, जिनमें देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के खिलाड़ी भाग ले रहे हैं।
| खेल का नाम | प्रकृति | प्रतियोगिता स्तर |
|---|---|---|
| अल्पाइन स्कीइंग | तेज ढलानों पर स्की रेस | राष्ट्रीय |
| नॉर्डिक स्कीइंग | लंबी दूरी की स्की | राष्ट्रीय |
| स्की माउंटेनियरिंग | पहाड़ी चढ़ाई व स्की | उन्नत स्तर |
| स्नोबोर्डिंग | बर्फ पर संतुलन खेल | राष्ट्रीय |
इन खेलों के माध्यम से खिलाड़ियों को अपनी तकनीकी क्षमता, सहनशक्ति और मानसिक मजबूती दिखाने का अवसर मिल रहा है।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा का संदेश
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि खेलो इंडिया विंटर गेम्स युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का सशक्त मंच प्रदान कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर सरकार शीतकालीन खेलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
गुलमर्ग की बर्फबारी बनी प्रतियोगिता की ताकत
हाल ही में गुलमर्ग में हुई अच्छी बर्फबारी ने प्रतियोगिता के लिए आदर्श माहौल तैयार किया है। मोटी और प्राकृतिक बर्फ की परत ने स्की और स्नोबोर्डिंग के लिए बेहतरीन ट्रैक उपलब्ध कराए हैं।
खिलाड़ियों के साथ-साथ पर्यटक भी इन खेलों को देखने के लिए बड़ी संख्या में गुलमर्ग पहुंच रहे हैं, जिससे क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों में तेजी आई है।
खेलो इंडिया योजना से मिल रहा जमीनी स्तर पर लाभ
खेलो इंडिया योजना के तहत आयोजित विंटर गेम्स का उद्देश्य देश में शीतकालीन खेलों को लोकप्रिय बनाना और ग्रासरूट लेवल टैलेंट को पहचान देना है।
इस पहल से—
- ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों के युवाओं को अवसर
- राष्ट्रीय टीम के लिए प्रतिभा चयन
- अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा की तैयारी
- खेल संस्कृति का विस्तार
जैसे लाभ मिल रहे हैं।
लेह में हुआ था पहला चरण
इस संस्करण से पहले खेलो इंडिया विंटर गेम्स का पहला चरण 20 से 26 जनवरी 2026 तक लेह, लद्दाख में आयोजित किया गया था।
उस चरण में हरियाणा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान प्राप्त किया था। अब गुलमर्ग में दूसरे चरण के मुकाबलों के जरिए समग्र विजेता का फैसला होगा।
स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को बढ़ावा
खेलो इंडिया विंटर गेम्स से गुलमर्ग और आसपास के क्षेत्रों में—
- होटल और ट्रैवल इंडस्ट्री को बढ़ावा
- स्थानीय रोजगार में वृद्धि
- हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों की बिक्री
- वैश्विक पहचान में इजाफा
जैसे सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल रहे हैं।
युवाओं के लिए भविष्य के नए अवसर
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के आयोजन भारत को शीतकालीन खेलों में अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूत पहचान दिलाने में सहायक होंगे।
गुलमर्ग जैसे प्राकृतिक स्थलों पर नियमित प्रतियोगिताएं होने से भारत भविष्य में विंटर ओलंपिक जैसी प्रतियोगिताओं के लिए भी मजबूत तैयारी कर सकता है।
निष्कर्ष
गुलमर्ग में आयोजित खेलो इंडिया विंटर गेम्स 2026 न केवल एक खेल प्रतियोगिता है, बल्कि यह भारत में शीतकालीन खेलों के भविष्य की नींव रखने वाला मंच भी है। 400 से अधिक खिलाड़ियों की भागीदारी, बेहतरीन प्राकृतिक वातावरण और सरकारी समर्थन ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया है। आने वाले वर्षों में यह प्रतियोगिता भारत को वैश्विक खेल मानचित्र पर नई पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाएगी।
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