बजट पर खरगे ने कहा : 900 चूहे खाकर बिल्ली हज को चली

नई दिल्ली, (वेब वार्ता)। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शनिवार को आम बजट को मोदी सरकार द्वारा लोगों की आंखों में धूल झोंकने का प्रयास करार दिया और कहा कि इस पर ‘‘900 चूहे खाकर बिल्ली हज को चली’’ का मुहावरा सटीक बैठता है।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा वित्त वर्ष 2025-26 के लिए पेश किए गए आम बजट में नई कर व्यवस्था के तहत 12 लाख रुपये तक वार्षिक आय को कर के दायरे से मुक्त रखा गया है।

खरगे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘एक मुहावरा इस बजट पर बिलकुल सटीक बैठता है, 900 चूहे खाकर बिल्ली हज को चली। पिछले 10 वर्षों में मोदी सरकार ने मध्य आय वर्ग से 54.18 लाख करोड़ रुपये का आयकर वसूला है और अब वह 12 लाख तक की छूट दे रहे हैं। उसके हिसाब से वित्त मंत्री खुद कह रहीं हैं कि साल में 80,000 रुपये की बचत होगी यानी हर महीने मात्र 6,666 रुपये।’’

उन्होंने कहा, ‘‘पूरा देश महंगाई और बेरोज़गारी की समस्या से जूझ रहा है, पर मोदी सरकार झूठी तारीफे बटोरने पर उतारू है। इस ‘घोषणावीर’ बजट में (सरकार ने) अपनी खामियां छिपाने के लिए ‘मेक इन इंडिया’ राष्ट्रीय विनिर्माण मिशन बना दिया गया है। बाकी सारी घोषणाएं लगभग ऐसी हैं।’’

खरगे ने आरोप लगाया कि युवाओं के लिए कुछ नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘मोदी जी ने कल वादा किया था कि इस बजट में महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए वो बड़ा कदम उठाएंगे, पर बजट में कुछ ऐसा नहीं निकला। किसानों की आय दोगुना करने के लिए कोई रूपरेखा नहीं, खेती के सामान पर जीएसटी दर में कोई रियायत नहीं दिया गया। दलित, आदिवासी, पिछड़े वर्ग, गरीब और अल्पसंख्यक बच्चों के स्वास्थ, शिक्षा, छात्रवृत्ति की कोई योजना नहीं।’’

कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि निजी निवेश कैसे बढ़ाना है, इसके लिए कोई सुधारात्मक कदम नहीं है तथा निर्यात एवं शुल्क पर दो चार सतही बातें कहकर अपनी विफलताओं को छिपाया गया है।

उन्होंने कहा, ‘‘गरीब की आय को बढ़ाने के लिए कुछ नहीं किया गया है। लगातार गिरते उपभोग पर एक भी कदम नहीं उठाया गया है। असमान छूती महंगाई कि बावजूद मनरेगा का बजट वही का वही है। श्रमिकों को आय बढ़ाने के लिये कुछ नहीं किया गया।’’

खरगे ने आरोप लगाया, ‘‘जीएसटी की कई दरों में कोई सुधार की बात नहीं की गई है। बेरोजगारी को कम करने के लिए, नौकरियां बढ़ाने की कोई बात नहीं की गई। स्टार्टअप इंडिया, स्टैंटअप इंडिया, स्किल इंडिया की सभी योजनाएं बस घोषणाएं साबित हुईं।’’

उन्होंने दावा किया कि यह बजट मोदी सरकार द्वारा लोगों की आंखों में धूल झोंकने का प्रयास है।

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