नई दिल्ली, डेस्क | वेब वार्ता
जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। पिछले 24 घंटों के भीतर जम्मू क्षेत्र में चलाए गए दो बड़े ऑपरेशन में प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकवादी मारे गए हैं। इनमें दो आतंकी उधमपुर जिले में जबकि एक आतंकी किश्तवाड़ जिले में ढेर किया गया है। किश्तवाड़ में फिलहाल ऑपरेशन जारी है और अन्य आतंकियों के घिरे होने की आशंका जताई जा रही है।
उधमपुर में दो जैश कमांडर ढेर
सुरक्षाबलों ने उधमपुर जिले के बसंतगढ़ क्षेत्र में एक सटीक ऑपरेशन के तहत जैश-ए-मोहम्मद के दो शीर्ष कमांडरों को मार गिराया। खुफिया सूचना के आधार पर सुरक्षाबलों ने इलाके में घेराबंदी कर गुफा में छिपे आतंकियों को निशाना बनाया। जवाबी कार्रवाई के दौरान रॉकेट लॉन्चर का भी इस्तेमाल किया गया, जिससे दोनों आतंकी मौके पर ही मारे गए।
मारे गए आतंकियों की पहचान
मारे गए आतंकियों में एक की पहचान मावी अबू माविया उर्फ रुबानी के रूप में हुई है, जो पिछले कई वर्षों से इस क्षेत्र में सक्रिय था। दूसरे आतंकी का नाम जुबैर बताया गया है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, दोनों आतंकी पाकिस्तानी नागरिक थे और वर्ष 2024 में घुसे जैश के एक मॉड्यूल का हिस्सा थे।
किश्तवाड़ में ऑपरेशन ट्राशी-1 जारी
किश्तवाड़ जिले के चतरू क्षेत्र में पिछले 18 दिनों से चल रहे ऑपरेशन “ट्राशी-1” के तहत बुधवार शाम करीब 5:45 बजे दिच्छर इलाके में संयुक्त सुरक्षा बलों का आतंकियों से संपर्क स्थापित हुआ। इसके बाद हुई मुठभेड़ में एक संदिग्ध पाकिस्तानी आतंकी मारा गया।
ऑपरेशन से जुड़ी मुख्य जानकारी
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| कुल मारे गए आतंकी | 3 (जैश-ए-मोहम्मद) |
| उधमपुर | 2 आतंकी ढेर |
| किश्तवाड़ | 1 आतंकी ढेर, ऑपरेशन जारी |
| ऑपरेशन का नाम | ट्राशी-1 |
| आतंकियों की नागरिकता | पाकिस्तानी |
अन्य आतंकियों के घिरे होने की आशंका
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि किश्तवाड़ के जंगलों में कुछ और आतंकी छिपे हो सकते हैं। इलाके में अतिरिक्त बलों की तैनाती कर सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। ऑपरेशन के दौरान नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक सावधानियां बरती जा रही हैं।
- जैश-ए-मोहम्मद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई
- दो जिलों में एक साथ चले ऑपरेशन
- आतंकी नेटवर्क को बड़ा झटका
निष्कर्ष
जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों द्वारा की गई यह कार्रवाई आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाती है। जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकियों के मारे जाने से न केवल संगठन को बड़ा झटका लगा है, बल्कि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा की दिशा में भी यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। ऑपरेशन के पूरा होने के बाद और भी अहम खुलासे होने की संभावना है।
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