ईरान में बढ़ते तनाव के बीच भारतीयों को देश छोड़ने की सलाह, दूतावास ने जारी की चेतावनी

नई दिल्ली, 08 अप्रैल (वेब वार्ता)। भारतीय दूतावास तेहरान ने ईरान में बिगड़ते हालात के मद्देनजर नई सुरक्षा सलाह जारी करते हुए वहां रह रहे भारतीय नागरिकों को जल्द से जल्द देश छोड़ने की सख्त सलाह दी है। दूतावास ने आपात स्थिति में सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं और नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है।

दूतावास की ओर से जारी परामर्श में कहा गया है कि हाल की घटनाओं को देखते हुए सभी भारतीय नागरिक दूतावास के निर्देशों का पालन करते हुए सुरक्षित मार्गों से ईरान छोड़ने की योजना बनाएं। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय सीमा की ओर बिना पूर्व अनुमति जाने का प्रयास न करें।

पहले भी जारी की गई थी सावधानी संबंधी सलाह

इससे एक दिन पहले दूतावास ने नागरिकों को 48 घंटे तक अपने सुरक्षित ठिकानों पर ही रहने की सलाह दी थी। इसमें कहा गया था कि लोग घर के अंदर रहें, अनावश्यक यात्रा से बचें और बिजली के उपकरणों, सैन्य प्रतिष्ठानों तथा ऊंची इमारतों की ऊपरी मंजिलों से दूरी बनाए रखें।

दूतावास ने यह भी निर्देश दिया था कि किसी भी राजमार्ग पर यात्रा केवल उसकी अनुमति और समन्वय के बाद ही की जाए, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।

संघर्षविराम के बावजूद सतर्कता जरूरी

इस बीच डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के संघर्षविराम पर सहमति बन गई है। यह सहमति पाकिस्तान की पहल पर बनी, जिसमें शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई।

ट्रंप ने अपने वक्तव्य में कहा कि पाकिस्तान के अनुरोध पर ईरान के खिलाफ प्रस्तावित सैन्य कार्रवाई को रोका गया, बशर्ते तेहरान होर्मुज जलडमरूमध्य को तत्काल और सुरक्षित रूप से खोलने पर सहमत हो।

राजनीतिक प्रतिक्रिया भी तेज

अमेरिका में इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है। विपक्षी नेताओं ने ईरान को लेकर दिए गए कड़े बयानों पर ट्रंप की आलोचना की है और उन्हें पद से हटाने की मांग तक उठाई है।

भारतीयों के लिए अहम संदेश

हालांकि संघर्षविराम की घोषणा से हालात में कुछ नरमी की उम्मीद है, लेकिन भारतीय दूतावास ने स्पष्ट किया है कि स्थिति अभी भी संवेदनशील बनी हुई है। ऐसे में सभी भारतीय नागरिकों को अत्यधिक सतर्क रहने और दूतावास के दिशा-निर्देशों का पालन करने की आवश्यकता है, ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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