Monday, January 26, 2026
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मौनी अमावस्या पर भारतीय रेल की बड़ी पहल: 244 विशेष ट्रेनों से 4.5 लाख यात्रियों को मिली सुरक्षित यात्रा सुविधा

प्रयागराज, अजय कुमार | वेब वार्ता

मौनी अमावस्या पर्व के अवसर पर भारतीय रेल ने देशभर में यात्रियों के सुगम और सुरक्षित आवागमन के लिए 244 विशेष ट्रेनों का संचालन किया। 3 जनवरी 2026 से शुरू हुए इस विशेष रेल प्रबंधन अभियान के तहत लगभग 4.5 लाख यात्रियों को सुविधाजनक यात्रा सेवा प्रदान की गई। रेल मंत्रालय के अनुसार, इन विशेष ट्रेनों का उद्देश्य श्रद्धालुओं को निर्बाध यात्रा सुविधा उपलब्ध कराना था।

उत्तर मध्य रेलवे का रहा प्रमुख योगदान

विशेष ट्रेनों के संचालन में उत्तर मध्य रेलवे (NCR) ने सर्वाधिक 158 ट्रेनें चलाकर अग्रणी भूमिका निभाई। इसके अलावा उत्तर रेलवे (NR) द्वारा 31 और पूर्वोत्तर रेलवे (NER) द्वारा 55 विशेष ट्रेनें संचालित की गईं। इन सेवाओं के माध्यम से श्रद्धालुओं को देश के विभिन्न हिस्सों से प्रयागराज और आस-पास के धार्मिक स्थलों तक सुचारू रूप से पहुँचने की सुविधा मिली।

18 जनवरी को रही सबसे अधिक भीड़

18 जनवरी 2026 को मौनी अमावस्या के मुख्य स्नान पर्व के दौरान यात्रियों की संख्या चरम पर रही। इस दिन कुल 40 विशेष ट्रेनों का संचालन किया गया, जिनमें उत्तर रेलवे की 11, उत्तर मध्य रेलवे की 22 और पूर्वोत्तर रेलवे की 7 ट्रेनें शामिल थीं। इन ट्रेनों के माध्यम से केवल एक दिन में लगभग 1 लाख यात्री प्रयागराज पहुँचे। उल्लेखनीय है कि इस दौरान सभी नियमित ट्रेनें भी अपने निर्धारित समय पर संचालित रहीं।

तकनीकी दक्षता और जोनल समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण

भारतीय रेल ने इस अवधि में न केवल यातायात प्रबंधन को सटीक तरीके से अंजाम दिया बल्कि संसाधनों के कुशल उपयोग, बेहतर तकनीकी योजना और विभिन्न जोनों के बीच समन्वय के जरिए यह सुनिश्चित किया कि किसी भी यात्री को असुविधा न हो। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि हर स्टेशन पर अतिरिक्त सुरक्षा बल, मेडिकल सुविधाएं और यात्री सहायता डेस्क की व्यवस्था की गई थी।

  • कुल संचालित विशेष ट्रेनें – 244
  • उत्तर रेलवे की ट्रेनें – 31
  • उत्तर मध्य रेलवे की ट्रेनें – 158
  • पूर्वोत्तर रेलवे की ट्रेनें – 55
  • कुल यात्रियों की संख्या – लगभग 4.5 लाख

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक व्यवस्था

रेलवे ने मौनी अमावस्या जैसे बड़े धार्मिक अवसर पर यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और यात्रा अनुभव को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ट्रेनों में अतिरिक्त कोच लगाए गए, स्टेशन पर सफाई व्यवस्था सुदृढ़ की गई और हेल्प डेस्क 24 घंटे सक्रिय रखे गए। भारतीय रेल की यह पहल उत्सव काल में बड़े पैमाने पर यात्री प्रबंधन की एक सफल और अनुकरणीय मिसाल बनकर सामने आई है।

रेलवे बोर्ड ने कहा कि भविष्य में भी ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के दौरान यात्रियों को सुरक्षित, समयबद्ध और आरामदायक यात्रा सुविधा प्रदान करने के लिए इसी तरह की योजनाएं लागू की जाती रहेंगी।

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