Wednesday, January 14, 2026
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देशभर में बारिश और बाढ़ का कहर: दिल्ली, राजस्थान, यूपी और पंजाब में जल प्रलय

नई दिल्ली (वेब वार्ता)। देशभर में मॉनसून की भारी बारिश ने तबाही मचा दी है। राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और पंजाब से लगातार बाढ़ के अपडेट आ रहे हैं। नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है, जिससे कई शहर और गांव जलमग्न हो गए हैं। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, और एनडीआरएफ टीमें राहत और बचाव कार्य में दिन-रात जुटी हुई हैं।

मथुरा में यमुना का कहर: विश्राम घाट जलमग्न

उत्तर प्रदेश के मथुरा में यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। विश्राम घाट और आसपास के इलाके पूरी तरह पानी में डूब गए हैं। मंदिरों और घाटों पर पूजा-अर्चना प्रभावित हुई है, और स्थानीय लोग अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रेस्क्यू ऑपरेशन तेज कर दिया है, और लोगों को नदी के किनारे न जाने की सलाह दी है।

दिल्ली-एनसीआर में बाढ़ जैसे हालात

दिल्ली-एनसीआर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने यमुना नदी को उफान पर ला दिया है। नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है, जिससे यमुना बाजार, आईटीओ और अन्य निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। सड़कें तालाब में तब्दील हो गई हैं, और ट्रैफिक बुरी तरह प्रभावित हुआ है। एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमें लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटी हैं। दिल्ली के पुराने रेलवे पुल पर यमुना का जलस्तर 207.47 मीटर तक पहुंच गया है, और जलभराव के कारण कई राहत शिविर भी प्रभावित हुए हैं।

अजमेर में बोराज तालाब की दीवार टूटी, सैकड़ों घर डूबे

राजस्थान के अजमेर में भारी बारिश के बाद बोराज तालाब की दीवार टूटने से बड़ा हादसा हुआ। एक हजार से अधिक घरों में पानी घुस गया, और आधी रात को लोगों को छतों पर चढ़कर अपनी जान बचानी पड़ी। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हैं, और प्रभावित लोगों को अस्थायी शिविरों में स्थानांतरित किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दिख रहा है कि सड़कें और गलियां पूरी तरह जलमग्न हैं।

पंजाब में फिरोजपुर बॉर्डर पर बाढ़ का खतरा

पंजाब के फिरोजपुर में भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर बाढ़ का पानी सीमा पार कर भारतीय क्षेत्र में दाखिल हो गया है। कई किलोमीटर लंबी बाड़ पानी में डूब गई है, और पाकिस्तान से आने वाले पानी ने भारतीय बांधों को नुकसान पहुंचाया है। सेना और प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी किया है, और राहत कार्य तेजी से चल रहे हैं। पंजाब में बाढ़ ने 1400 से ज्यादा गांवों को प्रभावित किया है, और करीब 3.5 लाख लोग इस आपदा की चपेट में हैं।

मौसम विभाग का अलर्ट: इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने देश के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। यहां जानिए कहां-कहां अलर्ट है:

  • गुजरात और राजस्थान: 7 सितंबर तक भारी से बहुत भारी बारिश।

  • पूर्वी राजस्थान: 8 सितंबर को भारी बारिश।

  • उत्तराखंड: 6 और 7 सितंबर को भारी बारिश।

  • हिमाचल प्रदेश: 8 और 9 सितंबर को भारी बारिश।

  • हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली: 8-10 सितंबर तक भारी बारिश।

  • पंजाब: 10 सितंबर को भारी बारिश।

  • पूर्वी उत्तर प्रदेश: 10 और 11 सितंबर को भारी बारिश।

  • पश्चिमी मध्य प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, बिहार, छत्तीसगढ़ और अंडमान निकोबार: भारी बारिश की संभावना।

राहत और बचाव कार्य में तेजी

एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना और स्थानीय प्रशासन की टीमें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं। अस्थायी राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जहां लोगों को भोजन, पानी और चिकित्सा सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। मेरठ के हस्तिनापुर में जलशक्ति राज्य मंत्री दिनेश खटीक ने बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा:

“हमारी सरकार बाढ़ पीड़ितों के साथ खड़ी है। राहत सामग्री वितरण और बचाव कार्य तेजी से चल रहे हैं। लोगों से अपील है कि वे सावधानी बरतें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।”

जनजीवन पर असर: ट्रैफिक और दैनिक जीवन ठप

भारी बारिश और जलभराव के कारण कई शहरों में ट्रैफिक की स्थिति बदहाल हो गई है। स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं, और लोग अपने घरों में रहने को मजबूर हैं। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। कई स्थानों पर बिजली और पानी की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है।

सरकार और प्रशासन की अपील

प्रशासन ने लोगों से सतर्क और सावधान रहने की अपील की है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में यात्रा से बचने और स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। केंद्र और राज्य सरकारों ने बाढ़ प्रभावित राज्यों के लिए विशेष राहत कोष जारी किया है, और स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

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