हैदराबाद, ब्यूरो रिपोर्ट | वेब वार्ता
तेलंगाना की राजनीति में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की जांच को लेकर बवाल तेज हो गया है। राज्य के पूर्व मंत्री और भारत राष्ट्र समिति (BRS) के वरिष्ठ नेता टी. हरीश राव ने मंगलवार (20 जनवरी) को एसआईटी की पूछताछ के बाद मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उन्हें मिला SIT का नोटिस “बस कचरा” है और यह पूरी प्रक्रिया “राजनीतिक प्रतिशोध और साजिश” का हिस्सा है।
“रेवंत रेड्डी खुद फोन करके दे रहे थे निर्देश” — हरीश राव
मीडिया से बातचीत में हरीश राव ने दावा किया कि SIT की पूछताछ निष्पक्ष नहीं थी। उन्होंने कहा, “जैसे ही अधिकारी कोई सवाल पूछने आगे बढ़ते थे, बाहर से फोन आ जाता था — या तो खुद रेवंत रेड्डी बात करते थे या उनके अधिकारी निर्देश देते थे।” उन्होंने कहा कि नोटिस में लिखी हर बात “झूठ और बिना सबूत” की है।
हरीश राव ने कहा कि यह सब “सरकार की चाल” है, जिससे वह भ्रष्टाचार और टेंडर घोटालों से जनता का ध्यान हटाना चाहती है। उन्होंने कहा, “सरकार अपनी मामूली राजनीति से लोगों को भ्रमित कर रही है। लेकिन जनता सब देख रही है।”
कोयला घोटाला और हाईकोर्ट जांच की चुनौती
BRS नेता ने मुख्यमंत्री को खुली चुनौती देते हुए कहा कि “अगर रेवंत रेड्डी में हिम्मत है तो वे सिंगरेनी कोलियरीज (SCCL) के कोयला घोटाले की जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज से करवाएं।” उन्होंने दावा किया कि घोष आयोग की रिपोर्ट फर्जी है और सरकार अपनी सफाई देने में नाकाम रही है।
हरीश राव ने कहा कि “BRS कार्यकर्ता जेल जाने और आंदोलन करने से नहीं डरते।” उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “रेवंत रेड्डी पुलिस की आड़ में छिपकर ‘पिरिकी पंदा’ (डरपोक) की तरह नोटिस भेजना बंद करें।” उन्होंने कहा कि ऐसे राजनीतिक हथकंडों से उन्हें डराया नहीं जा सकता।
“कानून का सम्मान करता हूं, लेकिन चिल्लर राजनीति नहीं”
पूर्व मंत्री ने कहा कि वे कानून का पूरा सम्मान करते हैं, लेकिन “चिल्लर राजनीति” को नकारते हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जनता की अदालत ही असली फैसला सुनाएगी और “दो साल बाद BRS फिर सत्ता में लौटेगी।” उन्होंने दावा किया कि तब “हर घोटाले का पर्दाफाश किया जाएगा।”
राजनीतिक गर्मी बढ़ी, विपक्ष ने साधा निशाना
इस बयान के बाद तेलंगाना की सियासत में हलचल मच गई है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अगर BRS निर्दोष है तो जांच से डरने की क्या जरूरत? वहीं, BRS समर्थकों का कहना है कि सरकार राजनीतिक बदले की भावना से काम कर रही है।
सूत्रों के मुताबिक, SIT ने हरीश राव से फंड मूवमेंट और घोटाले से जुड़े लेनदेन पर सवाल पूछे। जांच एजेंसी आने वाले दिनों में अन्य BRS नेताओं को भी समन भेज सकती है।
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