नई दिल्ली, 31 मार्च (वेब वार्ता)। देशभर में राष्ट्रीय राजमार्गों और द्रुतगामी मार्गों पर सफर अब महंगा होने जा रहा है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ एक अप्रैल से टोल दरों में वृद्धि का निर्णय लिया है। इस फैसले के बाद यात्रियों को यात्रा के दौरान पहले की तुलना में अधिक शुल्क चुकाना होगा।
प्राधिकरण के अनुसार, देशभर के टोल प्लाजाओं पर औसतन चार से पांच प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है। यह संशोधन हर वर्ष की तरह इस बार भी लागत और रखरखाव व्यय को ध्यान में रखते हुए किया गया है।
राजधानी क्षेत्र से जुड़े मार्गों पर इसका सीधा असर दिखाई देगा। दिल्ली-मेरठ द्रुतगामी मार्ग पर हल्के वाहनों के लिए एकतरफा यात्रा का शुल्क 170 रुपये से बढ़ाकर 175 रुपये कर दिया गया है, जबकि वापसी यात्रा का शुल्क 255 रुपये से बढ़कर 265 रुपये हो जाएगा।
दक्षिण भारत में बेंगलुरु-मैसूर मार्ग पर भी तीन से पांच प्रतिशत तक की वृद्धि का अनुमान है। हालांकि हल्के वाहनों के शुल्क में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन वाणिज्यिक वाहनों के लिए पांच से पंद्रह रुपये तक की बढ़ोतरी तय मानी जा रही है।
दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर पांच से बीस प्रतिशत तक की वृद्धि का प्रभाव देखने को मिलेगा। शाहजहांपुर जैसे प्रमुख टोल प्लाजा पर वाणिज्यिक वाहनों के लिए शुल्क में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की गई है।
उत्तर प्रदेश के विभिन्न मार्गों पर भी टोल दरों में पांच से दस प्रतिशत तक वृद्धि की गई है। लखनऊ-कानपुर, अयोध्या और रायबरेली जैसे मार्गों पर निजी वाहनों को अब थोड़ा अधिक भुगतान करना होगा, जिससे दैनिक यात्रियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
राजस्थान में जयपुर-दिल्ली, जयपुर-अजमेर और जयपुर-किशनगढ़ मार्गों पर भी शुल्क बढ़ाया गया है। जयपुर-किशनगढ़ मार्ग पर कारों के लिए टोल शुल्क 140 रुपये से बढ़कर 155 रुपये तक पहुंचने की संभावना है। वहीं लंबी दूरी की यात्रा करने वाले वाहन चालकों को प्रत्येक टोल प्लाजा पर पांच से पंद्रह रुपये अतिरिक्त देने पड़ सकते हैं।
दक्षिण भारत के तमिलनाडु राज्य में भी 65 से अधिक टोल प्लाजाओं पर दरों में वृद्धि लागू होगी। चेन्नई बाईपास और चेन्नई-तिरुपति मार्ग पर यात्रा करने वाले लोगों को अब पहले की तुलना में अधिक खर्च करना पड़ेगा।
हरियाणा और पंजाब को जोड़ने वाले दिल्ली-सोनीपत-पानीपत तथा अंबाला-चंडीगढ़ मार्ग पर भी निजी और वाणिज्यिक दोनों प्रकार के वाहनों के लिए टोल शुल्क में पांच से पंद्रह रुपये तक की बढ़ोतरी की संभावना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि टोल दरों में यह वृद्धि सड़क अवसंरचना के रखरखाव और विकास कार्यों के लिए आवश्यक होती है, लेकिन इसका सीधा असर आम यात्रियों और परिवहन क्षेत्र पर पड़ता है।
स्पष्ट है कि एक अप्रैल से लागू होने वाले इन नए शुल्कों के साथ देशभर में सड़क यात्रा का खर्च बढ़ जाएगा, जिससे दैनिक यात्रियों और लंबी दूरी तय करने वाले वाहन चालकों को अपनी जेब पर अतिरिक्त भार सहना पड़ेगा।