Wednesday, February 25, 2026
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Faiz-E-Elahi मस्जिद के आसपास अवैध निर्माण पर कार्रवाई: हाईकोर्ट के आदेश पर MCD का बुलडोजर, तुर्कमान गेट में तनाव

दिल्ली, विशेष संवाददाता | वेब वार्ता

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के अत्यंत संवेदनशील इलाकों में शुमार तुर्कमान गेट क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण को लेकर बुधवार तड़के बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई देखने को मिली। रामलीला मैदान के समीप स्थित Faiz-E-Elahi (फैज़-ए-इलाही) मस्जिद से सटे अवैध निर्माणों को हटाने के लिए दिल्ली नगर निगम (MCD) ने दिल्ली हाईकोर्ट के स्पष्ट आदेशों के अनुपालन में व्यापक डिमोलिशन ड्राइव चलाई। इस दौरान हालात उस वक्त तनावपूर्ण हो गए, जब कुछ उपद्रवियों ने पुलिस बल पर पथराव शुरू कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने और हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा।

कानूनी आदेश के तहत की गई कार्रवाई

एमसीडी अधिकारियों के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों के तहत की गई। अदालत ने Faiz-E-Elahi मस्जिद से सटे कुछ निर्माणों को अवैध करार देते हुए उन्हें हटाने के आदेश दिए थे। इन ढांचों में सरकारी जमीन पर बने बारात घर, डिस्पेंसरी, लाइब्रेरी और अन्य व्यावसायिक निर्माण शामिल थे।
हालांकि, प्रशासन ने यह स्पष्ट किया कि मस्जिद की मूल जमीन (0.195 एकड़) को पूरी तरह सुरक्षित रखा गया और उस पर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई।

सुबह की बजाय तड़के शुरू हुई डिमोलिशन ड्राइव

पहले यह कार्रवाई सुबह 8 बजे से प्रस्तावित थी, लेकिन क्षेत्र की संवेदनशीलता और कानून-व्यवस्था को देखते हुए प्रशासन ने रणनीति बदली।

  • 6-7 जनवरी की दरमियानी रात करीब 1:30 बजे कार्रवाई शुरू की गई

  • पूरे इलाके को पहले ही पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया

  • सभी प्रवेश और निकास मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई

इस कदम का उद्देश्य यह था कि भीड़ एकत्र न हो और किसी भी अप्रिय स्थिति से पहले ही निपटा जा सके।

अचानक बिगड़े हालात, पुलिस पर पथराव

डिमोलिशन की शुरुआत के कुछ ही समय बाद, मौके पर मौजूद 25 से 30 असामाजिक तत्वों ने विरोध के नाम पर पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया।

  • पत्थरबाजी में 5 पुलिसकर्मी घायल हुए

  • हालात बिगड़ने पर पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े

  • भीड़ को तितर-बितर करने के लिए न्यूनतम बल प्रयोग किया गया

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह हिंसा योजनाबद्ध नहीं थी, बल्कि अचानक कुछ लोगों द्वारा भड़काई गई।

ड्रोन, बॉडी कैमरा और CCTV से हर गतिविधि पर नजर

इस पूरे ऑपरेशन में सुरक्षा एजेंसियों ने आधुनिक तकनीक का व्यापक इस्तेमाल किया।

  • पुलिसकर्मियों के पास बॉडी कैमरे लगाए गए थे

  • पूरे इलाके की ड्रोन कैमरों से निगरानी की गई

  • आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी सुरक्षित की गई

पुलिस के पास फिलहाल 100 से अधिक वीडियो फुटेज मौजूद हैं, जिनके आधार पर उपद्रवियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

क्या-क्या ढहाया गया?

कार्रवाई के दौरान जिन अवैध ढांचों को हटाया गया, उनमें शामिल हैं:

  • एक अवैध बारात घर का बड़ा हिस्सा

  • दो दुकानें

  • तीन डिस्पेंसरी (दवा घर)

  • बैंक्वेट हॉल और अन्य सहायक निर्माण

यह सभी निर्माण सरकारी जमीन पर बिना वैध अनुमति के किए गए थे।

सुरक्षा व्यवस्था का पूरा खाका

व्यवस्थाविवरण
बुलडोजर/जेसीबी10 से 17 मशीनें
डंपर70 से अधिक
MCD कर्मचारी150+
पुलिस बलकरीब 1000 जवान
वरिष्ठ अधिकारी9 जिलों के डीसीपी
अतिरिक्त बलRAF की तैनाती

इसके अलावा, पूरे क्षेत्र में BNSS की धारा 164 लागू की गई, ताकि किसी भी तरह की अफवाह या हिंसा को रोका जा सके।

पुलिस और प्रशासन का पक्ष

सेंट्रल रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त मधुर वर्मा ने स्पष्ट शब्दों में कहा,

“यह कार्रवाई पूरी तरह न्यायालय के आदेश के तहत की गई है। जिन्होंने कानून हाथ में लेने की कोशिश की, उनकी पहचान वीडियो फुटेज से की जाएगी। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तय है, चाहे वे स्थानीय हों या बाहरी।”

यातायात पर असर, ट्रैफिक एडवाइजरी जारी

डिमोलिशन ड्राइव के कारण इलाके में यातायात भी प्रभावित रहा।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने एडवाइजरी जारी करते हुए नागरिकों को वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दी।
प्रमुख प्रभावित मार्ग रहे:

  • जेएलएन मार्ग

  • अजमेरी गेट

  • मिंटो रोड

  • आसफ अली रोड

  • महाराजा रणजीत सिंह मार्ग

पहले से ही चल रहा था विवाद

गौरतलब है कि यह मामला लंबे समय से न्यायालय में विचाराधीन था।

  • दिसंबर में एमसीडी ने अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया था

  • मस्जिद प्रबंधन समिति ने कोर्ट का रुख किया

  • लेकिन अदालत से कोई अंतरिम राहत नहीं मिली

इसके बाद हाईकोर्ट ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए अवैध ढांचों को हटाने को कहा।

निष्कर्ष

तुर्कमान गेट में हुई यह कार्रवाई प्रशासन की उस नीति को दर्शाती है, जिसमें कानून के दायरे में रहते हुए अवैध अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। पुलिस और एमसीडी की संयुक्त कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि न्यायालय के आदेशों की अवहेलना किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही, यह ऑपरेशन राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।

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