Monday, January 26, 2026
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Dhar Bhojshala: भोजशाला में शुरू हुई पूजा, दोपहर एक से तीन बजे तक होगी नमाज, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम से छावनी बना धार

धार | वेब वार्ता
Dhar Bhojshala:

मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला परिसर आज (23 जनवरी 2026) को बसंत पंचमी के मौके पर धार्मिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील बन गया है। यहां हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय एक साथ अपने-अपने धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कर रहे हैं। सूर्योदय के साथ हिंदू पक्ष ने मां सरस्वती की पूजा प्रारंभ की, जो सूर्यास्त तक चलेगी। वहीं, दोपहर 1 बजे से 3 बजे के बीच मुस्लिम समाज के लोग जुमे की नमाज अदा करेंगे। प्रशासन ने क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया है।

📜 सुप्रीम कोर्ट का आदेश: पूजा और नमाज दोनों की अनुमति

गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने धार भोजशाला मामले पर ऐतिहासिक आदेश जारी किया था। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि हिंदू पक्ष को सूर्योदय से सूर्यास्त तक मां सरस्वती (वाग्देवी) की पूजा करने की अनुमति दी जाए, जबकि मुस्लिम पक्ष को दोपहर 1 बजे से 3 बजे के बीच जुमे की नमाज अदा करने की छूट दी गई। कोर्ट ने प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि दोनों समुदायों के लिए अलग-अलग स्थान निर्धारित किए जाएं, विशेष पास व्यवस्था बनाई जाए और शांति व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। यह आदेश हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की याचिका पर सुनवाई के बाद CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की पीठ ने दिया।

🏛️ भोजशाला क्या है और विवाद क्यों?

भोजशाला 11वीं–12वीं सदी का एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थल है, जिसे राजा भोज ने ज्ञान और कला के अध्ययन केंद्र के रूप में स्थापित किया था। यह परिसर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के संरक्षण में है। हिंदू समुदाय इसे देवी सरस्वती का मंदिर और “ज्ञानस्थल” मानता है, जबकि मुस्लिम समुदाय इसे कमाल मौला मस्जिद के रूप में देखता है। यही दो दृष्टिकोण वर्षों से इस विवाद का कारण बने हुए हैं।

🕌 शहर काज़ी का बयान: “हम सुप्रीम कोर्ट के आदेश का सम्मान करेंगे”

धार के शहर काज़ी वकार सादिक ने कहा कि “सुप्रीम कोर्ट के आदेश के पालन को लेकर जिला प्रशासन ने बैठक बुलाई थी, जिसमें दोनों पक्षों से बातचीत हुई। मुस्लिम समाज ने स्पष्ट कहा है कि वे न्यायालय के निर्देशों का अक्षरशः पालन करेंगे। हमारी मंशा सामाजिक सौहार्द और गंगा-जमुनी तहजीब बनाए रखने की है।” उन्होंने बताया कि इस मामले में मुस्लिम समाज की ओर से कोई नई याचिका दाखिल नहीं की गई थी। यह आदेश 2003 में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के समय दिए गए निर्देशों की पुनरावृत्ति है।

📋 प्रशासन ने मांगे नमाज अदा करने वालों के नाम

प्रशासनिक अधिकारियों ने मुस्लिम समाज से उन लोगों की सूची मांगी है जो आज नमाज अदा करेंगे। इस सूची के आधार पर ही विशेष पास जारी किए जाएंगे। बताया जा रहा है कि नमाज के लिए प्रशासन ने भोजशाला परिसर के कुछ हिस्सों का विकल्प दिया है, जिनमें से किसी एक हिस्से को अंतिम रूप दिया जाएगा। वर्ष 2016 में भी भोजशाला के छत वाले हिस्से में नमाज हुई थी।

🙏 सुबह से शुरू हुई मां सरस्वती की पूजा

सूर्योदय के साथ ही हिंदू समाज के लोग मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष पूजा-अर्चना में जुट गए हैं। मंदिर परिसर में मंत्रोच्चारण और भजन-कीर्तन का माहौल है। यह पूजा सूर्यास्त तक चलेगी। पूजा में स्थानीय संत, विद्वान और सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हैं।

🛡️ सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, धार छावनी में तब्दील

भोजशाला परिसर और आसपास के इलाकों में भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया है। प्रशासन ने शांति व्यवस्था के लिए जिले को छावनी में बदल दिया है।

पद / विवरणसंख्या
एसपी रेंज अधिकारी13
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक25
एसडीओपी / नगर पुलिस अधीक्षक67
नगर निरीक्षक107
उप निरीक्षक / सहायक निरीक्षक393
प्रधान आरक्षक / आरक्षक4375
महिला पुलिसकर्मी933
RAF प्लाटून08
प्रशासनिक अधिकारी-कर्मचारी2000
कुल पुलिस बल6461

इसके अलावा पूरे शहर में ड्रोन कैमरों से निगरानी रखी जा रही है। पुलिस ने धारा 144 लागू कर रखी है और किसी भी प्रकार की अफवाह या सोशल मीडिया पोस्ट पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन का दावा है कि “शांति बनी रहे, इसके लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।”

इस बीच हिंदू और मुस्लिम दोनों पक्षों ने जनता से संयम और शांति बनाए रखने की अपील की है। जिला कलेक्टर और एसपी स्वयं मौके पर मौजूद हैं।

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