Sunday, January 25, 2026
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DGCA की सख्त कार्रवाई से इंडिगो पर 1,180 करोड़ रुपये का असर, फ्लाइट रद्दीकरण और देरी बनी भारी

नई दिल्ली, विशेष संवाददाता | वेब वार्ता

देश की अग्रणी एयरलाइन इंडिगो पर दिसंबर महीने में हुई फ्लाइट रद्दीकरण और देरी की घटनाओं का भारी असर पड़ने लगा है। एविएशन निगरानी संस्था डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने 16 जनवरी को एयरलाइन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है।

इस कार्रवाई का असर न सिर्फ नियमों के उल्लंघन तक सीमित है, बल्कि कंपनी की वित्तीय स्थिति पर भी भारी पड़ रहा है। जुर्माने, यात्रियों के मुआवजे और टिकट रिफंड को मिलाकर इंडिगो पर कुल 1,180 करोड़ रुपये से अधिक का भार पड़ सकता है।

DGCA की सख्त कार्रवाई – 22.20 करोड़ का जुर्माना, 50 करोड़ की बैंक गारंटी

एविएशन रेगुलेटर DGCA ने इंडिगो पर 22.20 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियमों के बार-बार उल्लंघन और सिस्टम स्तर पर खामियों के चलते लगाया गया है।

इनमें से 1.80 करोड़ रुपये का एकमुश्त जुर्माना और 20.40 करोड़ रुपये का अतिरिक्त जुर्माना 68 दिनों तक नियमों का पालन न करने के लिए जोड़ा गया है।

इसके अलावा, DGCA ने एयरलाइन को 50 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी जमा करने का भी निर्देश दिया है, जो इंडिगो सिस्टेमैटिक रिफॉर्म एश्योरेंस स्कीम (ISRAS) के तहत रखी जाएगी। यह गारंटी तब तक बरकरार रहेगी जब तक एयरलाइन अपने संचालन, निगरानी और मैनपावर सिस्टम में आवश्यक सुधार लागू नहीं कर देती।

रेगुलेटरी सुधारों पर कड़ी निगरानी

DGCA ने स्पष्ट किया है कि इंडिगो को अपने रोस्टरिंग सिस्टम, डिजिटल ऑपरेशंस और निगरानी ढांचे में सुधार लाना होगा।

जैसे-जैसे सुधार लागू होंगे, रेगुलेटर बैंक गारंटी की राशि चरणबद्ध तरीके से रिलीज करेगा। DGCA ने यह भी कहा कि यह कदम एयरलाइन संचालन की सुरक्षा और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है।

यात्रियों को मिलेगा 500 करोड़ से अधिक का मुआवजा

इंडिगो ने दिसंबर में हुई उड़ान गड़बड़ियों के लिए यात्रियों को मुआवजा देने का फैसला किया है। कंपनी ने घोषणा की है कि 500 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा प्रभावित यात्रियों को दिया जाएगा।

यह मुआवजा उन यात्रियों को मिलेगा जिनकी उड़ानें 24 घंटे से कम नोटिस पर रद्द कर दी गईं या जो एयरपोर्ट पर फंसे रहे। इसके अलावा, 3 से 5 दिसंबर 2025 के बीच रद्द या तीन घंटे से अधिक देरी वाली उड़ानों के यात्रियों को 10,000 रुपये का “जेस्चर ऑफ केयर” वाउचर भी दिया जाएगा।

यह वाउचर एक वर्ष तक मान्य रहेगा और यात्री इसे भविष्य की बुकिंग में उपयोग कर सकेंगे।

कुल असर 1,180 करोड़ रुपये से अधिक, शेयर बाजार में भी गिरावट

एविएशन विशेषज्ञों के अनुसार, DGCA की कार्रवाई और मुआवजा योजनाओं के चलते इंडिगो पर कुल 1,180 करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय बोझ आ सकता है।

इसमें जुर्माने, बैंक गारंटी, यात्रियों के मुआवजे और टिकट रिफंड की राशि शामिल है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि इस कदम का असर कंपनी के तिमाही परिणाम और शेयर कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है।

  • DGCA ने इंडिगो पर 22.20 करोड़ का जुर्माना लगाया।
  • 50 करोड़ की बैंक गारंटी जमा करने का आदेश।
  • यात्रियों को 500 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा।
  • कुल वित्तीय असर 1,180 करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला भारत की एविएशन इंडस्ट्री के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा, क्योंकि यह यात्रियों के अधिकारों और एयरलाइन की जवाबदेही को एक नई दिशा देता है। DGCA की यह कार्रवाई अन्य एयरलाइनों के लिए भी चेतावनी के रूप में देखी जा रही है।

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