नई दिल्ली, डेस्क | वेब वार्ता
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए रक्षा क्षेत्र को बड़ी सौगात दी है। इस बार डिफेंस बजट में रिकॉर्ड 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है, जिसे हालिया सुरक्षा हालात और पाकिस्तान के खिलाफ हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के प्रभाव से जोड़कर देखा जा रहा है। बजट में तीनों सेनाओं के आधुनिकीकरण और हथियारों की खरीद पर विशेष जोर दिया गया है।
रक्षा मंत्रालय को 7.85 लाख करोड़ रुपये का आवंटन
वित्त मंत्री ने रक्षा मंत्रालय के लिए 7.85 लाख करोड़ रुपये के कुल बजट की घोषणा की है। इसमें से 2.19 लाख करोड़ रुपये कैपिटल बजट के लिए निर्धारित किए गए हैं, जो कि पिछले वर्ष की तुलना में रिकॉर्ड 22 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। इस राशि का उपयोग थलसेना, वायुसेना और नौसेना के लिए आधुनिक हथियारों, प्लेटफॉर्म्स और तकनीकी उन्नयन पर किया जाएगा।
पिछले साल की तुलना में बड़ा उछाल
पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में रक्षा बजट 6.81 लाख करोड़ रुपये था, जिसमें 1.80 लाख करोड़ रुपये पूंजीगत खर्च के लिए रखे गए थे। बीते एक दशक में डिफेंस बजट में औसतन 9–10 प्रतिशत की बढ़ोतरी होती रही है, लेकिन इस बार 15 प्रतिशत की वृद्धि यह संकेत देती है कि सरकार सीमा सुरक्षा और भविष्य की सैन्य तैयारियों को लेकर कोई समझौता नहीं करना चाहती।
तीनों सेनाओं के आधुनिकीकरण पर फोकस
बजट 2026 में रक्षा मंत्रालय को मिले अतिरिक्त संसाधनों से भारतीय थलसेना, वायुसेना और नौसेना से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट्स को गति मिलने की उम्मीद है। सरकार का स्पष्ट इरादा है कि सेनाओं को नई तकनीक, आधुनिक हथियार प्रणाली और बेहतर सुरक्षा ढांचा उपलब्ध कराया जाए, ताकि बदलते सुरक्षा परिदृश्य का प्रभावी जवाब दिया जा सके।
नौसेना के लिए राफेल-एम फाइटर जेट की तैयारी
इस बजट का एक बड़ा हिस्सा भारतीय नौसेना की हवाई ताकत बढ़ाने पर खर्च होने की संभावना है। नौसेना के लिए राफेल-एम फाइटर जेट की खरीद को लेकर तैयारी तेज होने की उम्मीद है। फिलहाल भारतीय वायुसेना के पास 36 राफेल विमान हैं, जबकि नौसेना के लिए 26 या उससे अधिक राफेल-एम जेट खरीदे जाने की योजना पर काम चल रहा है। इससे समुद्री सीमा की सुरक्षा और मजबूत होगी।
सबमरीन प्रोजेक्ट 75I को मिलेगा बड़ा बूस्ट
बजट 2026 से सबमरीन फ्लीट को भी बड़ा फायदा मिलने वाला है। प्रोजेक्ट 75I के तहत 6 नई स्टील्थ सबमरीन बनाने की योजना है, जिनमें आधुनिक AIP (एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन) तकनीक होगी। यह तकनीक सबमरीन को लंबे समय तक पानी के भीतर रहने में सक्षम बनाती है और इसे भारत की समुद्री सुरक्षा के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
- डिफेंस बजट में रिकॉर्ड 15% की बढ़ोतरी
- कैपिटल बजट में 22% का इजाफा
- राफेल-एम और नई सबमरीन खरीद पर जोर
कुल मिलाकर, बजट 2026 में रक्षा क्षेत्र को दी गई प्राथमिकता यह स्पष्ट करती है कि सरकार न केवल मौजूदा खतरों को ध्यान में रख रही है, बल्कि आने वाले दशकों की सुरक्षा जरूरतों के लिए भी भारत की सैन्य क्षमता को मजबूत करने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है।
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