डीडीए ने पहली बार सीमा से बाहर बढ़ाया कदम, अंडमान-निकोबार प्रशासन के साथ किया समझौता

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नई दिल्ली, (वेब वार्ता)। दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने पहली बार दिल्ली के बाहर अपने कार्यक्षेत्र का विस्तार किया है. इस ऐतिहासिक कदम के तहत, डीडीए ने अंडमान और निकोबार द्वीप प्रशासन के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए. यह महत्वपूर्ण समझौता यमुना रिवरफ्रंट विकास परियोजना के एक प्रमुख हिस्से “असिता” में हुआ. इस दौरान अंडमान और निकोबार के उपराज्यपाल एडमिरल डी.के. जोशी भी मौजूद रहे.

सहयोग की दिशा में बड़ा कदम: यह साझेदारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सहकारी, प्रतिस्पर्धी और पूरक संघवाद के विजन को आगे बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है. उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने कहा कि यह समझौता शहरी नियोजन, बुनियादी ढांचा विकास, पर्यावरण प्रबंधन और सतत (सस्टेनेबल) पर्यटन के क्षेत्र में अनुभव और विशेषज्ञता साझा करने की दिशा में एक नया अध्याय जोड़ेगा.

इस समझौते से फायदे

शहरी योजना और बुनियादी ढांचे के विकास में सहयोग मिलेगा.

पर्यावरणीय प्रबंधन और सतत विकास को बढ़ावा मिलेगा.

अंडमान और निकोबार में आधुनिक और संगठित बुनियादी ढांचे का निर्माण होगा.

दोनों केंद्रशासित प्रदेशों के लिए नवाचार और विकास के नए अवसर बनेंगे.

दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने विश्वास जताया कि यह साझेदारी दोनों क्षेत्रों के लिए समावेशी विकास का मार्ग प्रशस्त करेगी और एक मॉडल के रूप में उभरेगी. डीडीए के पास शहरी नियोजन और सतत विकास में वर्षों का अनुभव है, जिसे अब अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के विकास में उपयोग किया जाएगा. इस ऐतिहासिक पहल से दिल्ली और अंडमान-निकोबार दोनों के लिए एक नए युग की शुरुआत होने की उम्मीद है.

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