जम्मू में सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा: सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने किया अहम निरीक्षण

जम्मू, राज्य डेस्क | वेब वार्ता

सेना प्रमुख (सीओएएस) जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने जम्मू क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और आतंकवाद विरोधी अभियानों की तैयारियों की समीक्षा के लिए व्हाइट नाइट कोर मुख्यालय का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने काउंटर-टेरर ग्रिड, तैनात बलों की परिचालन क्षमता और क्षेत्र में लागू सुरक्षा ढांचे का आकलन किया। उन्होंने संयुक्त बलों के बीच समन्वय की सराहना करते हुए शांति और स्थिरता बनाए रखने पर जोर दिया।

व्हाइट नाइट कोर मुख्यालय में हुई समीक्षा बैठक

दौरे के दौरान जनरल द्विवेदी को वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा जम्मू क्षेत्र की वर्तमान सुरक्षा स्थिति, आतंकवाद विरोधी रणनीतियों और खुफिया नेटवर्क की जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि क्षेत्र में समन्वित निगरानी प्रणाली और त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था को और मजबूत किया गया है, जिससे किसी भी खतरे से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

संयुक्त अभियानों में तालमेल की सराहना

सेना प्रमुख ने विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल और सहयोग की सराहना की। उन्होंने कहा कि संयुक्त अभियानों में निर्बाध समन्वय ही क्षेत्र में शांति बनाए रखने की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने सभी एजेंसियों को इसी तरह मिलकर काम करने की आवश्यकता पर बल दिया।

  • दौरे का उद्देश्य: सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा
  • स्थान: व्हाइट नाइट कोर मुख्यालय, जम्मू
  • मुख्य फोकस: काउंटर-टेरर ग्रिड और समन्वय
  • प्राथमिकता: शांति और स्थिरता बनाए रखना

जन-केंद्रित दृष्टिकोण पर दिया जोर

जनरल द्विवेदी ने आतंकवाद विरोधी अभियानों में सतत सतर्कता बनाए रखने के साथ-साथ जन-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों का विश्वास जीतना दीर्घकालिक शांति और सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। इससे सुरक्षा बलों और नागरिकों के बीच सहयोग मजबूत होता है।

नेतृत्व और जवानों की क्षमता पर जताया भरोसा

सेना प्रमुख ने व्हाइट नाइट कोर के नेतृत्व और जवानों की क्षमता, प्रतिबद्धता और अनुशासन की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि क्षेत्र में तैनात बल शांति, कानून-व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए हर समय तैयार हैं।

निष्कर्ष

जम्मू क्षेत्र में सेना प्रमुख का यह दौरा सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। काउंटर-टेरर अभियानों, संयुक्त समन्वय और जन-केंद्रित रणनीति पर दिए गए जोर से यह स्पष्ट है कि भारतीय सेना दीर्घकालिक शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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