नई दिल्ली, नेशनल डेस्क | वेब वार्ता
संसद में राजनीतिक हलचल के बीच विपक्ष ने अब मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्ताव लाने की तैयारी तेज कर दी है। CEC Removal Motion के तहत विपक्षी दलों ने दोनों सदनों में नोटिस देने के लिए आवश्यक हस्ताक्षर जुटा लिए हैं। सूत्रों के अनुसार लोकसभा और राज्यसभा में इस प्रस्ताव को अगले एक-दो दिनों में पेश किया जा सकता है। इस घटनाक्रम ने संसद और राजनीतिक गलियारों में नई बहस को जन्म दे दिया है।
जानकारी के मुताबिक CEC Removal Motion के लिए विपक्षी दलों के सांसदों ने आवश्यक संख्या में हस्ताक्षर जुटा लिए हैं। संसद के नियमों के अनुसार लोकसभा में कम से कम 100 सांसदों और राज्यसभा में कम से कम 50 सांसदों के हस्ताक्षर के साथ नोटिस दिया जा सकता है। सूत्रों का कहना है कि विपक्ष ने यह संख्या पूरी कर ली है और नोटिस जल्द ही दोनों सदनों में सौंपा जाएगा।
- मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्ताव लाने की तैयारी
- नोटिस पर करीब 180 सांसदों ने किए हस्ताक्षर
- लोकसभा और राज्यसभा दोनों में दिया जाएगा प्रस्ताव
- इंडिया गठबंधन के दलों ने प्रस्ताव का समर्थन किया
CEC Removal Motion: 180 सांसदों ने किए हस्ताक्षर
सूत्रों के अनुसार CEC Removal Motion के लिए विपक्षी दलों ने कुल लगभग 180 सांसदों के हस्ताक्षर जुटाए हैं। इनमें से लगभग 120 सांसदों ने लोकसभा में दिये जाने वाले नोटिस पर हस्ताक्षर किए हैं, जबकि करीब 60 सांसदों ने राज्यसभा के लिए प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए हैं।
संसदीय नियमों के अनुसार लोकसभा में प्रस्ताव पेश करने के लिए कम से कम 100 सांसदों के हस्ताक्षर जरूरी होते हैं, जबकि राज्यसभा में इसके लिए कम से कम 50 सांसदों के हस्ताक्षर आवश्यक होते हैं। विपक्षी दलों ने यह संख्या पूरी कर ली है।
दोनों सदनों में दिया जाएगा नोटिस
सूत्रों का कहना है कि विपक्ष इस CEC Removal Motion का नोटिस संसद के दोनों सदनों में देगा। वरिष्ठ सांसदों के अनुसार हस्ताक्षर एकत्र करने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और नोटिस को बृहस्पतिवार या शुक्रवार को सौंपे जाने की संभावना है।
यह कदम ऐसे समय में उठाया जा रहा है जब संसद के भीतर और बाहर चुनावी प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का माहौल बना हुआ है।
इंडिया गठबंधन के दलों का समर्थन
सूत्रों के मुताबिक इस प्रस्ताव पर ‘इंडिया’ गठबंधन के सभी प्रमुख घटक दलों के सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कुछ मामलों में सत्तारूढ़ दल के पक्ष में काम किया है।
विशेष रूप से CEC Removal Motion की पृष्ठभूमि में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विवाद सामने आया है। विपक्षी दलों का आरोप है कि इस प्रक्रिया का उपयोग राजनीतिक लाभ के लिए किया जा रहा है।
पहली बार सामने आया ऐसा मामला
सूत्रों का कहना है कि यह पहला अवसर है जब मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पद से हटाने के लिए इस प्रकार का नोटिस लाने की तैयारी की जा रही है। चुनाव आयोग जैसे संवैधानिक संस्थान से जुड़े ऐसे कदम को लेकर राजनीतिक और संवैधानिक विशेषज्ञों के बीच चर्चा तेज हो गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि CEC Removal Motion संसद में पेश होने के बाद इस पर व्यापक बहस हो सकती है, क्योंकि यह मुद्दा चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता से जुड़ा हुआ है।
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