बेंगलुरु मेट्रो की येलो लाइन का उद्घाटन, प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों के साथ किया सफर

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बेंगलुरु, (वेब वार्ता)। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क में एक बड़ा अध्याय जुड़ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को बेंगलुरु मेट्रो की येलो लाइन का विधिवत उद्घाटन किया और खुद मेट्रो में सफर कर यात्रियों के अनुभव को साझा किया। इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री के साथ कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर मौजूद रहे। मेट्रो यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री ने छात्र-छात्राओं से बातचीत की और उनके अनुभव जाने।


बेंगलुरु को मिला 19 किमी लंबा नया मेट्रो कॉरिडोर

येलो लाइन आरवी रोड (रागीगुड्डा) से बोम्मासंद्रा तक बनाई गई है, जिसकी लंबाई 19 किलोमीटर से अधिक है। इसमें 16 मेट्रो स्टेशन शामिल हैं और इस परियोजना पर लगभग 7,160 करोड़ रुपये की लागत आई है। इस लाइन के चालू होने के बाद बेंगलुरु मेट्रो का कुल नेटवर्क 96 किलोमीटर से अधिक हो गया है, जिससे शहर के दक्षिणी और औद्योगिक क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी में अभूतपूर्व सुधार होगा।


प्रधानमंत्री ने दी वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी

येलो लाइन के उद्घाटन के साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बेंगलुरु रेलवे स्टेशन से अजनी (नागपुर)-पुणे वंदे भारत एक्सप्रेस को रवाना किया। इसके अलावा, उन्होंने केएसआर बेंगलुरु-बेलगावी और वैष्णोदेवी कटरा-अमृतसर वंदे भारत ट्रेनों का भी शुभारंभ किया।
इस मौके पर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी अलग-अलग स्थानों पर मौजूद थे।


अजनी-पुणे वंदे भारत: महाराष्ट्र के लिए नई सौगात

अजनी (नागपुर) से पुणे वंदे भारत ट्रेन महाराष्ट्र की 12वीं वंदे भारत सेवा है और यह 881 किलोमीटर की दूरी तय करने वाली देश की सबसे लंबी वंदे भारत सेवा होगी। यह ट्रेन वर्धा, अकोला, शेगांव, भुसावल, जळगांव, मनमाड़, पुनतांबा-दौंड कॉर्ड लाइन को पहली बार जोड़ेगी।
यह सेवा व्यापार, पर्यटन, शिक्षा और रोजगार के अवसरों में बड़ी वृद्धि करेगी। व्यापारी, छात्र, कर्मचारी और पर्यटक सभी को इसका सीधा लाभ मिलेगा।


नागपुर और पुणे की ऐतिहासिक-सांस्कृतिक पहचान

नागपुर, जिसे “ऑरेंज सिटी” और “टाइगर कैपिटल ऑफ इंडिया” के नाम से जाना जाता है, मध्य भारत का एक प्रमुख औद्योगिक, सांस्कृतिक और स्वास्थ्य सेवा केंद्र है। यहां स्थित दीक्षाभूमि और रामटेक जैसे धार्मिक स्थल इसकी ऐतिहासिक पहचान को दर्शाते हैं।
पुणे, जिसे महाराष्ट्र की सांस्कृतिक राजधानी कहा जाता है, छत्रपति शिवाजी महाराज की विरासत से जुड़ा हुआ है और यहां शनिवारवाड़ा, दगडूशेठ गणपति मंदिर, और कई ऐतिहासिक किले स्थित हैं।


ट्रेन संचालन का समय और सुविधाएं

  • पुणे-अजनी वंदे भारत (26101): सुबह 06:25 बजे पुणे से रवाना होकर शाम 18:25 बजे अजनी पहुंचेगी।

  • अजनी-पुणे वंदे भारत (26102): सुबह 09:50 बजे अजनी से रवाना होकर रात 21:50 बजे पुणे पहुंचेगी।

  • सप्ताह में 6 दिन (निर्धारित अवकाश दिवस छोड़कर)

  • कुल 8 कोच (1 एग्जीक्यूटिव चेयर कार और 7 चेयर कार)

  • एक बार में 590 यात्री यात्रा कर सकेंगे।


‘मेक इन इंडिया’ का प्रतीक

वंदे भारत एक्सप्रेस का यह नया संस्करण आधुनिक तकनीक, उच्च गति और आरामदायक यात्रा का प्रतीक है। यह भारत की आत्मनिर्भरता और मेक इन इंडिया मिशन की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है।

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