Thursday, February 12, 2026
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अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठाए गंभीर सवाल, आरोप लगाया—”उत्तर प्रदेश में वोटों की डकैती हुई”

नई दिल्ली, (वेब वार्ता)। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए। यह बयान उन्होंने INDIA ब्लॉक के सांसदों के साथ संसद से चुनाव आयोग के कार्यालय तक किए गए विरोध मार्च के दौरान दिया।

अखिलेश यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह पहली बार नहीं है जब चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं। विशेषकर उत्तर प्रदेश में चुनावों के दौरान हुई कथित धांधली, धन और सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग के मामलों पर उन्होंने निशाना साधा।

“शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई”

सपा प्रमुख ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी ने चुनाव आयोग को कई बार शिकायत दर्ज कराई, जिसमें पिछले उपचुनावों के दौरान धनबल, पुलिस और अधिकारियों के दुरुपयोग, वोट चोरी और बूथ कब्जे जैसे आरोप शामिल थे। उन्होंने कहा—

“रामपुर उपचुनाव और सपा सांसद अवधेश प्रसाद के संसदीय क्षेत्र में वोट काटे गए। 2022 विधानसभा चुनाव में भी सपा के वोट कम किए गए। हमने 18,000 शपथ पत्रों के साथ शिकायत दर्ज कराई, लेकिन चुनाव आयोग ने कोई कार्रवाई नहीं की।”

अखिलेश ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में पुलिस की तैनाती जातिगत आधार पर की गई, ताकि भाजपा को फायदा हो। उन्होंने इसे “वोटों की डकैती” करार दिया और कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं को बूथ पर जाने से रोका गया।

कर्नाटक बनाम उत्तर प्रदेश में कार्रवाई को लेकर संदेह

अखिलेश यादव ने कहा कि अगर कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के दौरान धांधली होती है तो शायद कार्रवाई हो सकती है, लेकिन उत्तर प्रदेश में ऐसा होने की संभावना बेहद कम है। उन्होंने याद दिलाया कि चुनाव आयोग पर पहले भी निष्पक्षता को लेकर सवाल उठे हैं और उपचुनावों में धांधली के आरोप पहले भी लगाए गए हैं।

सोशल मीडिया पर भी साधा निशाना

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर भी चुनाव आयोग को घेरा। उन्होंने लिखा—

“चुनाव आयोग पहले पिछले एफिडेविट का जवाब दे, जब हमने 18 हज़ार वोट कटने पर शपथपत्र दिये थे। चुनाव आयोग बताए उस मामले में क्या कार्रवाई हुई? चुनाव संबंधित मामलों में ‘फास्ट ट्रैक’ नहीं, ‘फास्टेस्ट ट्रैक कोर्ट’ की आवश्यकता है, तभी लोकतंत्र बचेगा।”

राजनीतिक माहौल में गरमाहट

INDIA ब्लॉक के विरोध मार्च को दिल्ली पुलिस ने अनुमति नहीं दी थी, जिससे स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार चुनाव आयोग का दुरुपयोग कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर कर रही है। वहीं, भाजपा नेताओं का कहना है कि यह विपक्ष का निराधार राजनीतिक प्रचार है।

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