Saturday, January 31, 2026
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राजनीति का एक युग समाप्त: अजित पवार की विरासत और उनके परिवार के बारे में सब कुछ

मुंबई/बारामती, राजनीतिक डेस्क | वेब वार्ता

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और एनसीपी नेता अजित अनंतराव पवार का 28 जनवरी 2026 को बारामती एयरपोर्ट पर प्लेन क्रैश में निधन हो गया। यह हादसा मुंबई से बारामती जा रहे Bombardier Learjet 45XR विमान की लैंडिंग के दौरान हुआ, जिसमें विमान रनवे पर क्रैश होकर आग की लपटों में घिर गया। विमान में सवार सभी 5 लोगों की मौत हो गई। अजित पवार जिला परिषद चुनाव प्रचार के लिए जा रहे थे। उनका निधन पवार परिवार के लिए गहरा सदमा है। चाचा शरद पवार के अलावा परिवार में मां आशा पवार, पत्नी सुनेत्रा पवार, बेटे पार्थ और जय पवार, भाई-बहन और अन्य रिश्तेदार शामिल हैं। पवार परिवार की जड़ें सातारा से बारामती तक फैली हुई हैं, जहां से राजनीति और सहकारी आंदोलन की शुरुआत हुई।

अजित पवार का राजनीतिक और पारिवारिक सफर

अजित पवार का जन्म 22 जुलाई 1959 को अहमदनगर जिले के देवलाली प्रवारा में हुआ। उन्होंने B.Com शिवाजी यूनिवर्सिटी से किया। राजनीति में एंट्री गन्ना सहकारी समितियों से हुई। 1991 में बारामती से सांसद चुने गए, लेकिन छह महीने बाद पद छोड़कर शरद पवार के लिए रास्ता बनाया। 1999 में एनसीपी बनने पर उनके साथ चले गए और 40 साल की उम्र में सबसे युवा कैबिनेट मंत्री बने। सिंचाई विभाग में लंबे समय तक रहे। कई बार उपमुख्यमंत्री बने और मुख्यमंत्री पद की महत्वाकांक्षा रखते थे। पिता अनंतराव पवार फिल्म निर्देशक वी. शांताराम के साथ ‘राजकमल स्टूडियो’ में काम करते थे।

अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार पूर्व मंत्री पद्मसिंह पाटिल की बहन हैं। उनके दो बेटे हैं: पार्थ पवार (2019 में मावल से लोकसभा चुनाव लड़े) और जय पवार (कारोबार से जुड़े)। मां आशा पवार ने इच्छा जताई थी कि अजित को मुख्यमंत्री बनते देखना चाहती हैं।

पवार परिवार का फैमिली ट्री और विरासत

पवार परिवार की जड़ें महाराष्ट्र के सातारा जिले से जुड़ी हैं। 18वीं सदी में सूखे के कारण परिवार बारामती के काटेवाडी में बस गया। पूर्वज भोंसले शासकों की सेना में रहे। गोविंदराव पवार (शरद पवार के पिता) ने गन्ना सहकारी समिति बनाई और चीनी मिलों की नींव रखी। मां शारदाबाई पवार शिक्षा और समाज सेवा की मिसाल थीं – महिलाओं के लिए नाइट स्कूल और क्लिनिक चलाए। उन्होंने 1938 में पुणे लोकल बोर्ड चुनाव जीता और 14 साल तक सेवा की।

गोविंदराव और शारदाबाई के कुल 11 बच्चे थे (7 भाई, 4 बहनें)। प्रमुख नाम: अप्पा साहेब पवार, अनंतराव पवार (अजित के पिता), शरद पवार, प्रताप पवार, सरोज पाटिल। शरद पवार के बड़े भाई वसंतराव पवार की मौत डकैतों से मुठभेड़ में हुई थी। परिवार ने गन्ने की खेती और सहकारी आंदोलन से राजनीतिक आधार बनाया।

  • पिता: अनंतराव पवार (फिल्म स्टूडियो से जुड़े, निधन हो चुका)।
  • मां: आशा पवार।
  • पत्नी: सुनेत्रा पवार।
  • बेटे: पार्थ पवार और जय पवार।
  • चाचा: शरद पवार (एनसीपी प्रमुख)।

राजनीतिक प्रभाव और जनता के लिए संदेश

अजित पवार का निधन पवार परिवार और महाराष्ट्र की राजनीति में गहरा सदमा है। बारामती उनका गढ़ था और एनसीपी-भाजपा गठबंधन में निर्णायक भूमिका थी। भविष्य में बारामती सीट और परिवार की राजनीतिक विरासत पर असर पड़ेगा। जनता के लिए संदेश है कि परिवार और राजनीति में सेवा की भावना सदैव बनी रहे। पवार परिवार की सहकारी और राजनीतिक विरासत युवाओं के लिए प्रेरणा है।

अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। यह हादसा राजनीतिक नेतृत्व की सुरक्षा पर पुनर्विचार की मांग को मजबूत करेगा।

निष्कर्ष

अजित पवार का प्लेन क्रैश में निधन महाराष्ट्र की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति है। पवार परिवार की जड़ें सातारा से बारामती तक फैली हैं, जहां से सहकारी आंदोलन और राजनीतिक विरासत शुरू हुई। चाचा शरद पवार, पत्नी सुनेत्रा, बेटे पार्थ-जय और अन्य सदस्यों के साथ परिवार का योगदान अमर रहेगा। यह घटना लोकतांत्रिक प्रक्रिया में नेतृत्व की कमजोरियों को उजागर करती है और सेवा की भावना को संजोने का संदेश देती है।

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