नई दिल्ली, नेशनल डेस्क | वेब वार्ता
दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में आयोजित भारत AI इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान गुरुवार को उस समय हंगामा हो गया, जब इंडियन यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने एक्सपो हॉल में घुसकर टी-शर्ट उतारकर नंगे धड़ पर नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत-अमेरिका AI डील के विरोध में जोरदार नारे लगाए गए।
घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 10 कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। यह घटना समिट के पांचवें दिन दोपहर करीब दो बजे हुई, जब देश-विदेश के विशेषज्ञ कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर चर्चा कर रहे थे।
AI Summit के चमकदार मंच के पीछे सच दबाया नहीं जा सकता.. जब देशहित से ऊपर कॉरपोरेट हित दिखें और विदेश नीति में नरमी साफ नजर आए, तब विरोध कर्तव्य बन जाता है!
इसीलिए भारतीय युवा कांग्रेस के जाबांज कार्यकर्ता📍भारत मंडपम पहुँचे.. ताकि “Compromised PM” के खिलाफ आवाज़ बुलंद हो और देश… pic.twitter.com/vTCCMgd0PK
— Indian Youth Congress (@IYC) February 20, 2026
समिट के दौरान कैसे हुआ हंगामा
भारत AI इम्पैक्ट समिट का उद्देश्य भारत को वैश्विक AI शक्ति के रूप में स्थापित करना है। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, नीति आयोग के अधिकारी, अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय तकनीकी विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं।
इसी बीच दोपहर के सत्र के दौरान इंडियन यूथ कांग्रेस के करीब 10 से 15 कार्यकर्ता एक्सपो हॉल में घुस आए। उन्होंने अपनी टी-शर्ट उतारकर नंगे धड़ पर लिखे स्लोगन प्रदर्शित किए, जिनमें “PM Compromised”, “AI Deal Scam” और “देश बेच दिया” जैसे नारे शामिल थे।
नारेबाजी से मचा अफरा-तफरी
कार्यकर्ता लगातार नारे लगा रहे थे —
“मोदी जी ने AI डील में देश बेच दिया!”
“अमेरिका को सौंप दिया AI, भारत का क्या होगा?”
“यूथ कांग्रेस लड़ेगी, AI घोटाले को रोकेगी!”
करीब पांच से सात मिनट तक चले इस हंगामे से हॉल में मौजूद विदेशी मेहमान, उद्योगपति और विशेषज्ञ असहज हो गए। कार्यक्रम कुछ देर के लिए बाधित हुआ।
सुरक्षा एजेंसियों की त्वरित कार्रवाई
स्थिति बिगड़ते देख सुरक्षा गार्ड और दिल्ली पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची।
पुलिसकर्मियों ने कार्यकर्ताओं को घसीटकर बाहर निकाला और उनमें से 10 लोगों को हिरासत में ले लिया। घटना मुख्य हॉल के पास हुई, जहां नीति आयोग का पवेलियन और अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी चल रही थी।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
हंगामे का वीडियो कुछ ही देर में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
वीडियो में कार्यकर्ता नारे लगाते और विरोध करते दिखाई दे रहे हैं। X (पूर्व ट्विटर) पर #YouthCongressProtest, #AISummitScam, #ModiCompromised जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे।
दिल्ली पुलिस ने वायरल वीडियो के आधार पर जांच शुरू कर दी है।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा नेता कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि पूरी दुनिया भारत की AI ताकत देखने आई है, लेकिन कांग्रेस ने हंगामा कर देश की छवि खराब की।
उन्होंने इसे “राजनीतिक दिवालियापन” और “नकारात्मक स्टंट” करार दिया।
वहीं इंडियन यूथ कांग्रेस ने कहा कि वह AI डील में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रही है। उनके अनुसार यह विरोध “सच्चाई का आंदोलन” है।
अन्य दलों की प्रतिक्रिया
आम आदमी पार्टी ने इसे सुरक्षा में चूक बताते हुए कहा कि किसी को भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर हंगामा करने का अधिकार नहीं है।
अन्य विपक्षी दलों ने इसे “युवाओं के आक्रोश” से जोड़ा।
समिट पर पड़ा असर
यह समिट का पांचवां दिन था। इसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी GPAI परिषद की बैठक को संबोधित किया था।
हालांकि आयोजकों ने हंगामे को “स्थानीय घटना” बताते हुए कार्यक्रम को जारी रखा।
फिर भी इस घटना ने समिट की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
AI समिट का उद्देश्य
भारत AI इम्पैक्ट समिट 2026 का लक्ष्य भारत को AI क्षेत्र में वैश्विक नेता बनाना है।
इसमें AI नीति, स्टार्टअप, एथिकल AI और भारत-अमेरिका सहयोग पर विस्तृत चर्चा हो रही है।
पुलिस की कानूनी कार्रवाई
दिल्ली पुलिस ने बताया कि हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं पर धारा 147, 341, 353 समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया जा रहा है।
जांच में वीडियो फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और तकनीकी साक्ष्य शामिल किए जाएंगे।
निष्कर्ष
AI समिट के दौरान हुआ यह हंगामा जहां एक ओर राजनीतिक विरोध की तीव्रता दिखाता है, वहीं दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की छवि को लेकर चिंता भी बढ़ाता है।
अब पुलिस जांच और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं पर सबकी नजर टिकी हुई है।
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