नई दिल्ली, नेशनल डेस्क | वेब वार्ता
खाड़ी देशों में भारतीयों के लिए एडवाइजरी के तहत यूएई में ईरान के हमलों की खबरों के बीच अबू धाबी स्थित भारतीय दूतावास ने आधिकारिक परामर्श जारी किया है। दुबई और अबूधाबी में रह रहे भारतीय नागरिकों से अपील की गई है कि वे सतर्क रहें और किसी भी आपात स्थिति में दूतावास के संपर्क में बने रहें। दूतावास ने हेल्पलाइन और सोशल मीडिया माध्यमों की जानकारी साझा कर स्पष्ट किया है कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
खाड़ी देशों में भारतीयों के लिए एडवाइजरी केवल यूएई तक सीमित नहीं है। सऊदी अरब और ओमान में भी भारतीय दूतावासों ने समान परामर्श जारी कर भारतीय समुदाय को सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन करने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का अनुपालन करने की सलाह दी है।
यूएई में क्या कहा गया
अबू धाबी में भारतीय दूतावास ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से भारतीयों को सतर्क रहने और अफवाहों से बचने की अपील की है। दुबई और अबूधाबी में निवासरत भारतीयों को कहा गया है कि वे दूतावास द्वारा जारी टोल-फ्री नंबर और हेल्पलाइन पर आवश्यकता पड़ने पर संपर्क करें।
- टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर जारी
- सोशल मीडिया के जरिए अपडेट
- स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन
- आपात स्थिति में दूतावास से तुरंत संपर्क
सऊदी अरब और ओमान में भी जारी हुई एडवाइजरी
खाड़ी देशों में भारतीयों के लिए एडवाइजरी के तहत रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने भी सुरक्षा गाइडलाइंस जारी की हैं। सऊदी अरब में रह रहे भारतीयों से अपील की गई है कि वे भीड़भाड़ वाले इलाकों से बचें और आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। इसी प्रकार ओमान में भारतीय दूतावास ने भी भारतीय समुदाय को सतर्क रहने और संपर्क में बने रहने को कहा है।
| देश | जारी निर्देश |
|---|---|
| यूएई (अबूधाबी/दुबई) | दूतावास से संपर्क, हेल्पलाइन नंबर जारी |
| सऊदी अरब (रियाद) | सुरक्षा गाइडलाइंस का पालन, हेल्पलाइन सक्रिय |
| ओमान | सतर्क रहें, दूतावास से संपर्क में रहें |
सरकार की प्राथमिकता: नागरिकों की सुरक्षा
विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि खाड़ी क्षेत्र में विकसित हो रही स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। खाड़ी देशों में भारतीयों के लिए एडवाइजरी का उद्देश्य संभावित जोखिमों को कम करना और समय पर सहायता उपलब्ध कराना है। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त परामर्श जारी किया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि क्षेत्रीय तनाव के दौरान दूतावासों की सक्रियता भारतीय समुदाय के लिए भरोसे का संदेश है। भारतीय नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे घबराहट से बचें, केवल आधिकारिक स्रोतों से जानकारी प्राप्त करें और आपातकालीन संपर्क विवरण सुरक्षित रखें।
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