राष्ट्रपति से मिले विभिन्न राज्यों के प्रमुख जनजातीय प्रतिनिधि, ‘आदि कर्मयोगी अभियान’ पर हुआ संवाद

नई दिल्ली, (वेब वार्ता)। देशभर से आए विभिन्न राज्यों के प्रमुख जनजातीय प्रतिनिधियों ने सोमवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से राष्ट्रपति भवन में भेंट की। यह मुलाकात जनजातीय कार्य मंत्रालय के ‘आदि कर्मयोगी अभियान’ के अंतर्गत आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य जनजातीय युवाओं और प्रभावशाली लोगों को सरकारी योजनाओं और सामाजिक जागरूकता अभियानों से जोड़ना है।

राष्ट्रपति का संदेश

Adi Karmayogi Abhiyan1

राष्ट्रपति ने जनजातीय समुदाय के शिक्षित और सक्रिय प्रतिनिधियों से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाएं, विशेष रूप से उन लोगों तक जो अब भी विकास की मुख्यधारा से वंचित हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे कर्मयोगी समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन सकते हैं।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम, और राज्य मंत्री दुर्गादास उइके भी उपस्थित थे।

क्या है ‘आदि कर्मयोगी अभियान’?

  • शुरुआत: 27 जून 2025

  • उद्देश्य: जनजातीय समुदाय में नेतृत्व क्षमता बढ़ाना

  • ट्रेनिंग विषय:

    • सरकारी योजनाएं

    • डिजिटल साक्षरता

    • स्वास्थ्य और शिक्षा

    • स्वच्छता

    • आजीविका

    • संवैधानिक अधिकार

अभियान की विशेषता

इस अभियान के माध्यम से प्रशिक्षित ‘आदि कर्मयोगी’ जनजातीय क्षेत्रों में जाकर जानकारी प्रसारित करते हैं, डिजिटल जागरूकता फैलाते हैं, और लोगों को सरकारी सुविधाओं से जोड़ते हैं। इससे ग्रासरूट स्तर पर सामाजिक बदलाव की प्रक्रिया को बल मिलता है।

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