नासिक, 05 अप्रैल (वेब वार्ता)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कुंभ मेले को भारत की सनातन संस्कृति की समावेशी भावना का प्रतीक बताया है। उन्होंने कहा कि यह ऐसा आयोजन है, जहां लोग बिना किसी जाति, धर्म या विचारधारा के भेदभाव के एकत्रित होते हैं और आध्यात्मिक एकता का अनुभव करते हैं।
अखिल भारतीय संत समिति की बैठक के समापन समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कुंभ मेला भारत के सांस्कृतिक लोकाचार को दर्शाता है और समाज में एकता का संदेश देता है।
सिंहस्थ कुंभ के लिए तैयारियां तेज
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2027 में होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले को लेकर राज्य सरकार ने नासिक में व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए व्यवस्थाओं को मजबूत करने और सुविधाओं को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
सामाजिक समरसता का संदेश
फडणवीस ने कहा कि कुंभ ऐसा मंच है, जहां सभी वर्गों के लोग समान रूप से भाग लेते हैं। यहां किसी से उसकी जाति या धर्म के बारे में नहीं पूछा जाता, बल्कि सभी एकता और श्रद्धा के भाव से एकत्रित होते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि समाज में जो भेदभाव देखने को मिलता है, वह बाद की विकृति है, जो धीरे-धीरे समाप्त हो रही है।
धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर भी बोले
मुख्यमंत्री ने अपने पिछले कार्यकाल के निर्णयों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में गोहत्या पर प्रतिबंध लागू किया गया और गाय को “राज्य माता” का दर्जा दिया गया।
उन्होंने यह भी कहा कि जबरन या धोखाधड़ी से किए जाने वाले धर्मांतरण को रोकने के लिए राज्य में सख्त कानून लागू किया जाएगा। इस कानून के तहत महिलाओं को झूठे बहाने से विवाह के जाल में फंसाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई का प्रावधान किया जाएगा।
संत समाज की भूमिका अहम
फडणवीस ने कहा कि कुंभ मेला केवल सरकारी आयोजन नहीं है, बल्कि यह संतों का समागम है। सरकार केवल व्यवस्थाएं सुनिश्चित करती है और आयोजन संत समाज के मार्गदर्शन में ही संपन्न होता है।
उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोगों द्वारा किए जा रहे पाखंड से संत समाज की छवि को नुकसान पहुंचता है, ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गोदावरी की स्वच्छता पर जोर
बैठक के दौरान कुंभ मेले के सफल आयोजन के साथ-साथ गोदावरी नदी को स्वच्छ और निरंतर प्रवाहित बनाए रखने पर भी विशेष चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दिशा में संत समाज और प्रशासन मिलकर कार्य करेंगे।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाला सिंहस्थ कुंभ मेला न केवल भव्य होगा, बल्कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक यादगार अनुभव भी साबित होगा।



