जालना (महाराष्ट्र), विशेष संवाददाता | वेब वार्ता
महाराष्ट्र में नगर निगम चुनावों के बीच हिजाब विवाद फिर गरमा गया है। AIMIM के वरिष्ठ नेता और औरंगाबाद सांसद इम्तियाज जलील ने जालना में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उत्तर प्रदेश के मंत्री संजय निषाद पर जमकर निशाना साधा। जलील ने कहा, “अगर कोई भी शख्स किसी मुस्लिम बहन को गलत नीयत से छूने की हिम्मत करेगा, तो मैं उसका हाथ काट दूंगा।” यह बयान बिहार में एक महिला के चेहरे से हिजाब हटाने की घटना और उसके बाद संजय निषाद की आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद आया है।
नीतीश कुमार और संजय निषाद पर सीधा हमला
इम्तियाज जलील ने कहा कि एक यूपी मंत्री ने बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी की थी – “अगर उन्होंने कहीं और छू लिया होता तो क्या होता?” जलील ने इसे मुस्लिम महिलाओं की इज्जत के साथ खिलवाड़ बताया। उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी सवाल उठाया कि ऐसी घटनाओं पर चुप्पी साधे रहना क्या संदेश देता है। जलील ने कहा कि मुस्लिम महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के मुद्दे पर कोई भी राजनीतिक दल गंभीर नहीं दिख रहा।
सेक्युलर पार्टियों पर भी तीखा हमला
जलील ने तथाकथित सेक्युलर पार्टियों पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “जो पार्टियां खुद को सेक्युलर कहती हैं, वे गुंडों और आपराधिक तत्वों का समर्थन करने में नहीं हिचकिचातीं, लेकिन मुसलमानों के साथ खड़े होने या उन्हें उचित प्रतिनिधित्व देने में पीछे हट जाती हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि यही पार्टियां AIMIM को सांप्रदायिक और अछूत बताती हैं, जबकि सच्चाई यह है कि वे नहीं चाहतीं कि मुसलमान नेतृत्व की भूमिका में उभरें।
मकर संक्रांति पर ‘घड़ी’ चिन्ह पर कटाक्ष
जलील ने महाराष्ट्र के सामाजिक न्याय मंत्री और शिवसेना नेता संजय शिरसाट के उस बयान पर भी तंज कसा, जिसमें उन्होंने मकर संक्रांति के चलते AIMIM के ‘पतंग’ चुनाव चिन्ह पर रोक लगाने की मांग की थी। हल्के-फुल्के अंदाज में जलील ने शिवसेना और भाजपा नेताओं से अपील की कि वे अगले एक महीने तक ‘घड़ी’ न पहनें। यह कटाक्ष महायुति की सहयोगी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के ‘घड़ी’ चुनाव चिन्ह पर था।
महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव में AIMIM की रणनीति
इम्तियाज जलील 15 जनवरी को होने वाले नगर निगम चुनावों में AIMIM के 17 उम्मीदवारों के लिए प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने मुसलमानों से अपील की कि वे अपनी राजनीतिक ताकत को पहचानें और ऐसे दलों को वोट दें जो उनके हितों की रक्षा करें। जलील ने कहा कि मुसलमानों को अपनी आवाज बुलंद करनी होगी और राजनीतिक रूप से संगठित होना होगा।
प्रमुख बिंदु एक नजर में
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| मुख्य बयान | मुस्लिम महिलाओं को गलत नजर से छूने वाले का हाथ काट दूंगा |
| मुख्य निशाना | नीतीश कुमार, संजय निषाद, सेक्युलर पार्टियां |
| चुनाव फोकस | महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव (15 जनवरी) |
| अन्य कटाक्ष | ‘घड़ी’ चिन्ह पर मकर संक्रांति का मजाक |
| अपील | मुसलमान अपनी राजनीतिक ताकत मजबूत करें |
इम्तियाज जलील का यह तीखा बयान महाराष्ट्र निकाय चुनावों में मुस्लिम वोटरों को एकजुट करने की रणनीति का हिस्सा लगता है। हिजाब विवाद और मुस्लिम महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाकर उन्होंने बीजेपी, कांग्रेस और उनके सहयोगियों पर एक साथ हमला बोला है। यह बयान राजनीतिक दलों के बीच नई बहस छेड़ सकता है और मुस्लिम मतदाताओं के बीच AIMIM की स्थिति को मजबूत कर सकता है। महाराष्ट्र की राजनीति में यह मुद्दा अब गर्म होने वाला है।
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