नई दिल्ली, नेशनल डेस्क | वेब वार्ता
पश्चिम बंगाल अपूर्ण अंतिम मतदाता सूची को सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों और निर्वाचन आयोग के दिशानिर्देशों के तहत शुक्रवार को प्रकाशित कर दिया गया। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के बाद जारी इस सूची के अनुसार राज्य में मतदाताओं की कुल संख्या 7 करोड़ 4 लाख 59 हजार 284 दर्ज की गई है। मुख्य चुनाव अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने बताया कि मसौदा प्रकाशन के समय यह संख्या 7 करोड़ 8 लाख 16 हजार 630 थी।
निर्वाचन आयोग के अनुसार पश्चिम बंगाल अपूर्ण अंतिम मतदाता सूची में एसआईआर प्रक्रिया के दौरान नाम जोड़ने और हटाने की विस्तृत जांच की गई। अंतिम सूची से 5 लाख 46 हजार 53 नाम हटाए गए हैं, जबकि मसौदा सूची के दौरान ही 58 लाख 20 हजार से अधिक नाम हटाए जा चुके थे।
कितने नाम हटे और क्यों
चुनाव अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि एसआईआर प्रक्रिया के तहत प्रत्येक दावे और आपत्ति की सुनवाई के बाद दस्तावेजों की जांच की गई। ईआरओ और एईआरओ ने जांच के उपरांत पात्रता के आधार पर नाम हटाने का निर्णय लिया।
| विवरण | संख्या |
|---|---|
| मसौदा सूची में कुल मतदाता | 7,08,16,630 |
| अपूर्ण अंतिम सूची में कुल मतदाता | 7,04,59,284 |
| एसआईआर के बाद हटाए गए नाम | 5,46,053 |
| मसौदा चरण में हटाए गए नाम | 58,20,000+ (लगभग) |
| कुल हटाए गए नाम | 63,66,952 |
विचाराधीन नाम और आगे की प्रक्रिया
पश्चिम बंगाल अपूर्ण अंतिम मतदाता सूची में कुल 60 लाख 6 हजार 675 मतदाताओं के नाम विचाराधीन बताए गए हैं। हालांकि उन्हें सूची में शामिल कर लिया गया है, लेकिन उनका भविष्य एसआईआर प्रक्रिया में लगे न्यायिक अधिकारी के अंतिम निर्णय पर निर्भर करेगा।
मुख्य चुनाव अधिकारी ने कहा कि यदि किसी मतदाता का नाम गलती से हट गया है, तो उसे पुनः शामिल करने की प्रक्रिया उपलब्ध है। संबंधित मतदाता अगले 15 दिनों के भीतर दावा और आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।
सूची कहां उपलब्ध है
अंतिम सूची राज्य के सभी मतदान केंद्रों पर प्रदर्शित कर दी गई है। इसके अतिरिक्त निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) और सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (एईआरओ) के कार्यालयों में भी इसे सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराया गया है। मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को इसकी प्रतियां पहले ही सौंप दी गई हैं।
- मतदान केंद्रों पर प्रदर्शित सूची
- ईआरओ और एईआरओ कार्यालयों में उपलब्ध
- निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर ऑनलाइन जांच
- ईसीआई नेट ऐप के माध्यम से ईपीआईसी नंबर से खोज
पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम बंगाल अपूर्ण अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन चुनावी पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। आयोग ने दोहराया है कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम छूटने न पाए, इसके लिए दावा-आपत्ति प्रक्रिया खुली है और सभी शिकायतों की निष्पक्ष सुनवाई की जाएगी।
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