कोलकाता, 08 अप्रैल (वेब वार्ता)। पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में तैनात केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के कंपनी कमांडरों के लिए जारी एक हालिया आदेश विवाद का कारण बन गया है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के राज्य बल समन्वयक एवं महानिरीक्षक स्तर के अधिकारी ने निर्देश दिया है कि सभी कंपनी कमांडर तत्काल प्रभाव से होटल छोड़कर अपने जवानों के साथ ही निर्धारित ठिकानों पर रात्रि विश्राम करें। बताया जा रहा है कि इसी तरह का आदेश हाल ही में सशस्त्र सीमा बल द्वारा भी जारी किया गया था।
वीडियो सम्मेलन में दिए गए निर्देश
सूत्रों के अनुसार, एक वीडियो सम्मेलन के दौरान अधिकारियों ने कहा कि चुनाव ड्यूटी पर तैनात जवानों की कार्यशैली और व्यवहार अपेक्षित स्तर का नहीं है। ऐसे में कंपनी कमांडरों को जवानों के साथ रहकर उनकी कार्यप्रणाली में सुधार लाने का निर्देश दिया गया है। साथ ही किसी भी घटना की जानकारी तत्काल मुख्यालय को देने के आदेश भी दिए गए हैं।
हालांकि, इस आदेश का विरोध भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि कई कंपनी कमांडरों ने वीडियो सम्मेलन के दौरान ही असहमति जताते हुए बाहर निकलने का कदम उठाया।
आदेश पर उठे सवाल
कंपनी कमांडरों ने सवाल उठाया है कि चुनाव ड्यूटी पर आने वाले पर्यवेक्षक होटल में ही ठहरते हैं और इस पर कोई आपत्ति नहीं जताई जाती, फिर केवल उन्हें ही होटल छोड़ने के निर्देश क्यों दिए जा रहे हैं।
बुनियादी सुविधाओं की कमी से बढ़ी चिंता
जवानों के लिए निर्धारित ठिकानों पर बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर भी गंभीर चिंता जताई गई है। सूत्रों के अनुसार, कई स्थानों पर स्वच्छ पेयजल, रसोई व्यवस्था, मोबाइल चार्जिंग, प्रकाश व्यवस्था और जल निकासी जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं।
इसके अलावा हथियारों के सुरक्षित भंडारण के लिए भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं है और उपलब्ध वाहन भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं बताए जा रहे हैं।
सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
अधिकारियों का कहना है कि अचानक होटल या पुलिस द्वारा उपलब्ध कराए गए सुरक्षित स्थानों को छोड़ना सुरक्षा की दृष्टि से उचित नहीं है। इस संबंध में कई अधिकारियों ने अपनी आपत्तियां राज्य बल समन्वयक तक पहुंचाई हैं।
फिलहाल यह आदेश सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निर्णयों को लेकर नई बहस को जन्म दे रहा है, जबकि चुनावी माहौल में केंद्रीय बलों की भूमिका पहले से ही अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।



