कोलकाता, डेस्क | वेब वार्ता
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। इसी बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बड़ा ऐलान करते हुए राज्य के पुजारियों और मुअज्जिनों के मासिक मानदेय में वृद्धि की घोषणा की है। अब उन्हें प्रति माह 2000 रुपये दिए जाएंगे, जो पहले की तुलना में 500 रुपये अधिक है। इस फैसले को चुनावी रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है।
पुजारियों और मुअज्जिनों के लिए बढ़ा मानदेय
| श्रेणी | पहले मानदेय | अब मानदेय |
|---|---|---|
| पुजारी/मुअज्जिन | ₹1500 | ₹2000 |
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये लोग समाज के आध्यात्मिक और सामाजिक जीवन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इसलिए सरकार ने उनके सम्मान और सहयोग के लिए यह कदम उठाया है। साथ ही, नए आवेदनों को भी मंजूरी दे दी गई है।
कर्मचारियों और पेंशनरों को भी राहत
ममता बनर्जी ने राज्य के कर्मचारियों, पेंशनरों, शिक्षकों और गैर-शिक्षक स्टाफ के लिए भी बड़ी राहत का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अपने वादे के मुताबिक इन सभी वर्गों को आर्थिक लाभ देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
- सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों को लाभ
- शिक्षकों और गैर-शिक्षक स्टाफ को शामिल किया गया
- स्थानीय निकाय कर्मचारियों को भी फायदा
DA बकाया मिलेगा मार्च 2026 से
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना | ROPA 2009 के तहत DA बकाया |
| लागू होने की तिथि | मार्च 2026 |
| लाभार्थी | कर्मचारी, पेंशनर, शिक्षक व अन्य स्टाफ |
मुख्यमंत्री ने बताया कि डीए बकाया का भुगतान मार्च 2026 से शुरू किया जाएगा और इसकी प्रक्रिया एवं नियम सरकार के नोटिफिकेशन में स्पष्ट किए गए हैं।
चुनाव से पहले बड़ा राजनीतिक संदेश
विशेषज्ञों का मानना है कि चुनाव से पहले इस तरह के फैसले सरकार की राजनीतिक रणनीति का हिस्सा हो सकते हैं। इससे विभिन्न वर्गों में सरकार के प्रति सकारात्मक संदेश देने की कोशिश की जा रही है।
निष्कर्ष
पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच ममता बनर्जी के ये फैसले राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। जहां एक ओर धार्मिक समुदायों को साधने की कोशिश दिख रही है, वहीं कर्मचारियों और पेंशनरों को राहत देकर व्यापक वर्ग को प्रभावित करने की रणनीति भी नजर आती है।
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