नई दिल्ली, (वेब वार्ता)। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में यमुना नदी के बढ़ते जलस्तर ने एक बार फिर शहर को अपनी चपेट में ले लिया है। भारी बारिश के कारण यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से काफी ऊपर पहुंच गया है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने यमुना बैंक मेट्रो स्टेशन तक जाने वाली सड़क को बंद कर दिया है, हालांकि स्टेशन खुद सामान्य रूप से संचालित हो रहा है। अधिकारियों ने लोगों से वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की अपील की है।
🚨 दिल्ली में यमुना का जलस्तर 207.48m, खतरे के निशान से ऊपर! यमुना बैंक मेट्रो स्टेशन का रास्ता बंद, वैकल्पिक मार्ग अपनाएं। गीता कॉलोनी, मयूर विहार में बाढ़ का पानी। #DelhiFloods #YamunaRiver #MetroAlert #DelhiNews #DelhiRains #DelhiFlood #DelhiFloodUpdate pic.twitter.com/nlciCmthzj
— Webvarta News Agency (@webvarta) September 4, 2025
यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर, बाढ़ का अलर्ट जारी
यमुना नदी का जलस्तर गुरुवार सुबह पुराने रेलवे ब्रिज पर 207.48 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 205.33 मीटर से लगभग 2 मीटर ऊपर है। यह स्तर पिछले 63 वर्षों में तीसरा सबसे ऊंचा स्तर है, जो दिल्ली के लिए ऐतिहासिक बाढ़ की याद दिलाता है। केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) के अनुसार, हथनीकुंड बैराज से लगभग 3.23 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण यमुना में उफान आया है। बुधवार शाम जारी बाढ़ नियंत्रण बुलेटिन में कहा गया है कि गुरुवार सुबह 8 बजे तक जलस्तर 207.48 मीटर पर स्थिर रहेगा, लेकिन उसके बाद इसमें कमी आने की संभावना है।
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, सुबह 6 से 7 बजे तक जलस्तर 207.48 मीटर पर स्थिर रहा, जबकि सुबह 5 बजे यह 207.47 मीटर था। रात 2 बजे से सुबह 5 बजे तक स्तर में कोई बदलाव नहीं हुआ। पुराना रेलवे ब्रिज यमुना के प्रवाह और बाढ़ जोखिम का आकलन करने का महत्वपूर्ण निगरानी बिंदु है। मौसम विभाग (आईएमडी) ने चेतावनी दी है कि उत्तरी भारत में भारी बारिश 7 सितंबर तक जारी रह सकती है, जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है।
प्रभावित इलाके: निचले क्षेत्रों में पानी का कहर
बढ़ते जलस्तर के कारण दिल्ली के कई निचले इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया है। गीता कॉलोनी, मयूर विहार, यमुना बाजार, मजनू का टीला, कश्मीरी गेट जैसे क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। इसके अलावा, वासुदेव घाट के आसपास के इलाके पूरी तरह पानी में डूब गए हैं। बाढ़ का पानी दिल्ली सचिवालय की ओर बढ़ गया है, जहां मुख्यमंत्री, कैबिनेट मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यालय स्थित हैं। राहत शिविरों और श्मशान घाटों में भी पानी घुस गया है, जिससे स्थिति और जटिल हो गई है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले 48 घंटों में लगभग 300,000 लोगों को निकाला गया है, और 10,000 से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं। बाजारों में पानी भरने से दुकानें बंद हैं, और परिवार बिस्कुट जैसे सूखे भोजन पर निर्भर हैं। रिंग रोड पर बाढ़ का पानी घुसने से रोकने के लिए पीडब्ल्यूडी कार्यकर्ता ड्रेन पाइपों को रेत की बोरियों से ब्लॉक कर रहे हैं। निजामुद्दीन ब्रिज और लोहा पुल को यातायात के लिए बंद कर दिया गया है।
मेट्रो सेवाओं पर असर: यमुना बैंक स्टेशन का रास्ता बंद
डीएमआरसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर जानकारी दी कि यमुना बैंक मेट्रो स्टेशन तक जाने वाली सड़क बंद है। डीएमआरसी ने कहा, “यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण यमुना बैंक मेट्रो स्टेशन तक जाने वाली सड़क वर्तमान में बंद है। कृपया अपनी यात्रा की योजना बनाते समय वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें। हालांकि, स्टेशन सामान्य रूप से काम कर रहा है और इंटरचेंज सुविधा उपलब्ध है।” इससे यात्रियों को असुविधा हो रही है, लेकिन मेट्रो सेवाएं प्रभावित नहीं हुई हैं।
पशुओं पर प्रभाव: बचाव अभियान जारी
बाढ़ ने इंसानों के साथ-साथ पशुओं को भी प्रभावित किया है। यमुना किनारे पर छोड़े गए कुत्तों और अन्य जानवरों को बचाने के लिए स्वयंसेवी काम कर रहे हैं। नोएडा के शिवालय एनिमल सेंटर ने 79 कुत्तों को शरण दी है। बचावकर्ता रातभर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में काम कर रहे हैं।
सरकार और प्रशासन की प्रतिक्रिया
दिल्ली सरकार ने बाढ़ अलर्ट जारी कर निचले इलाकों से लोगों को निकालने का अभियान तेज कर दिया है। राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, लेकिन कुछ शिविर खुद बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। अधिकारियों ने कहा कि जलस्तर 206 मीटर पर पहुंचते ही निकासी शुरू हो जाती है। आईएमडी ने अधिक बारिश की चेतावनी दी है, जिससे दिल्ली-एनसीआर में ट्रैफिक और दैनिक जीवन प्रभावित हो सकता है।
यह स्थिति दिल्ली के लिए एक चेतावनी है कि जलवायु परिवर्तन और अनियोजित विकास से बाढ़ का खतरा बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यमुना की सफाई और बैराज प्रबंधन पर ध्यान देने की जरूरत है।
अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक स्रोतों से अपडेट रहें और सावधानी बरतें।





[…] […]