नोएडा, ब्यूरो | वेब वार्ता
नोएडा पुलिस की साइबर क्राइम टीम ने एक अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो शेयर बाजार में निवेश और भारी मुनाफे का लालच देकर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी कर रहा था। इस गिरोह ने एक व्यक्ति से करीब 12 करोड़ रुपये की ठगी की थी। पुलिस ने गिरोह के एक अहम सदस्य राजकुमार कुमावत को हैदराबाद से गिरफ्तार किया है, जिसके तार चीन से जुड़े बताए जा रहे हैं।
व्हाट्सएप ग्रुप से शुरू हुई ठगी
डीसीपी साइबर क्राइम शैव्या गोयल ने बताया कि दिसंबर 2025 में नोएडा निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित को व्हाट्सएप पर एक लिंक भेजकर एक ग्रुप में जोड़ा गया, जहाँ उसे शेयर बाजार में निवेश कर भारी मुनाफा कमाने का झांसा दिया गया। ग्रुप में जालसाजों ने फर्जी स्क्रीनशॉट और मुनाफे की रिपोर्ट दिखाकर भरोसा जीत लिया। उन्होंने पीड़ित को 35 करोड़ रुपये का फर्जी वर्चुअल प्रॉफिट दिखाया, जिसके झांसे में आकर उसने करीब 12 करोड़ रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए।
‘मून ब्लॉसम’ कंपनी के नाम पर ठगी
जांच में पता चला कि आरोपी राजकुमार कुमावत और उसका साथी बुक्का मनोहर इस ठगी में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। दोनों ने “मून ब्लॉसम” नाम से एक फर्जी कंपनी बनाई थी, जिसके बैंक खातों में ठगी की रकम जमा की जाती थी। इस खाते में अकेले 1 करोड़ 22 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे। पुलिस को संदेह है कि ठगी की रकम को क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से विदेश भेजा गया।
तमिलनाडु और दिल्ली से भी जुड़े मामले
पुलिस के अनुसार, इस गिरोह के खिलाफ तमिलनाडु और दिल्ली में भी कई ठगी के मामले दर्ज हैं। अब तक इस नेटवर्क के 9 आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं, जबकि कई अन्य की तलाश जारी है। पुलिस की टीम विदेशी बैंक खातों और डिजिटल पेमेंट चैनलों की ट्रांजेक्शन हिस्ट्री खंगाल रही है।
डीसीपी शैव्या गोयल का बयान
🚨 #BreakingNews | #NoidaPolice ने किया बड़ा खुलासा!
शेयर मार्केट में फर्जी मुनाफे का झांसा देकर 12 करोड़ की ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश
मुख्य आरोपी राजकुमार कुमावत गिरफ्तार-चीन से जुड़े कनेक्शन की जांच जारी 🇨🇳
🎥 डीसीपी #ShavyaGoyal का बयान#CyberCrime pic.twitter.com/hhECm5HSD3— Webvarta News Agency (@webvarta) January 17, 2026
डीसीपी साइबर क्राइम शैव्या गोयल ने बताया — “इस गिरोह के सदस्य विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों से संपर्क करते थे। वे विदेशी निवेश कंपनियों के नाम पर नकली वेबसाइट्स और एप्स बनाते थे, जिनमें निवेश के बाद पैसे निकालना असंभव था। आरोपी राजकुमार कुमावत से पूछताछ में गिरोह के विदेशी कनेक्शन की पुष्टि हुई है, जिसकी जांच जारी है।”
- गिरोह का सरगना राजकुमार कुमावत हैदराबाद से गिरफ्तार
- चीन से जुड़े कनेक्शन की जांच जारी
- ‘मून ब्लॉसम’ नाम की फर्जी कंपनी से 1.22 करोड़ रुपये का ट्रांसफर
- अब तक 9 आरोपी जेल भेजे जा चुके
- क्रिप्टोकरेंसी के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग की आशंका
निष्कर्ष: साइबर ठगी के नए तरीकों से सावधान
नोएडा साइबर पुलिस की यह कार्रवाई निवेश के नाम पर बढ़ती ऑनलाइन ठगी के खिलाफ बड़ी सफलता मानी जा रही है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान लिंक या निवेश ऑफर पर भरोसा न करें और संदिग्ध संदेशों की तुरंत शिकायत करें। डिजिटल युग में जहां मुनाफे के नाम पर ठग सक्रिय हैं, वहीं पुलिस का यह अभियान साइबर अपराध पर अंकुश लगाने में अहम साबित हो सकता है।
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