नई दिल्ली, (वेब वार्ता)। दिल्ली में यमुना नदी का बढ़ता जलस्तर और लगातार बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। गीता कॉलोनी श्मशान घाट में करीब 10 फीट पानी भरने से अंतिम संस्कार की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। निगमबोध घाट और वजीराबाद श्मशान घाट भी बाढ़ की चपेट में हैं, जिसके कारण नगर निगम ने इन्हें अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। यमुना का जलस्तर पुराने रेलवे ब्रिज पर 207.48 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान (205.33 मीटर) से काफी ऊपर है।
गीता कॉलोनी श्मशान घाट में बाढ़ का असर
गीता कॉलोनी श्मशान घाट के प्रधान संजय शर्मा ने बताया कि 2023 की तरह इस बार भी श्मशान घाट में पानी घुस गया है, जिससे अंतिम संस्कार में दिक्कतें आ रही हैं। उन्होंने कहा, “पानी के कारण नीचे की लाइटें काट दी गई हैं, लेकिन ऊपरी कमरों में बिजली की व्यवस्था बरकरार है। सरकार से कोई मदद नहीं मिली है। अगर पानी और बढ़ा तो अंतिम संस्कार बंद करना पड़ सकता है।” लोग वैकल्पिक स्थानों, जैसे कड़कड़डूमा और गाज़ीपुर श्मशान घाटों का उपयोग करने को मजबूर हैं।
🚨 जलमग्न हुई दिल्ली 🌊
भारी बारिश और हरियाणा से छोड़े गए पानी के बाद #यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ा।
निचले इलाकों में बाढ़ का पानी घुसा, NDRF टीम कर रही है रेस्क्यू।
अक्षरधाम, मयूर विहार, यमुना बाजार में अलर्ट 🚨#Wenbarta #DelhiFloods #DelhiRains #YamunaFlood #NDRF #YamunaFlood pic.twitter.com/H69xrDuB8d— Webvarta News Agency (@webvarta) September 4, 2025
यमुना का जलस्तर और प्रभावित क्षेत्र
गुरुवार सुबह 7 बजे पुराने रेलवे ब्रिज पर यमुना का जलस्तर 207.48 मीटर दर्ज किया गया, जो पिछले 63 वर्षों में तीसरा सबसे ऊंचा स्तर है। बाढ़ नियंत्रण बुलेटिन के अनुसार, जलस्तर सुबह 6 से 7 बजे तक स्थिर रहा, और इसके बाद कमी आने की संभावना है। हथनीकुंड बैराज से 1.68 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने के कारण नदी में उफान आया है। प्रभावित क्षेत्रों में गीता कॉलोनी, यमुना बाजार, मजनू का टीला, कश्मीरी गेट, गढ़ी मांडू, मयूर विहार, और दिल्ली सचिवालय के आसपास के इलाके शामिल हैं। वासुदेव घाट और मोनेस्ट्री मार्केट पूरी तरह जलमग्न हैं, और कश्मीरी गेट के पास श्री मरघट वाले हनुमान बाबा मंदिर तक भी पानी पहुंच गया है।
राहत और बचाव कार्य
दिल्ली प्रशासन ने अब तक 14,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है, जिनमें 8,018 लोग तंबुओं और 2,030 लोग 13 स्थायी आश्रय स्थलों में स्थानांतरित किए गए हैं। आईटीओ, मयूर विहार, और गीता कॉलोनी में राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, लेकिन कुछ शिविरों में भी पानी घुस गया है। एनडीआरएफ की टीमें अक्षरधाम, मयूर विहार, यमुना बाजार, और आईएसबीटी क्षेत्र में तैनात हैं, और लगभग 3,000 मवेशियों को भी सुरक्षित निकाला गया है। स्वास्थ्य विभाग ने 6 मोबाइल मेडिकल टीमें तैनात की हैं, जो प्रभावित क्षेत्रों में दवाएं और चिकित्सा सुविधाएं प्रदान कर रही हैं।
बारिश और मौसम का प्रभाव
मौसम विभाग (आईएमडी) ने 4 से 7 सितंबर तक दिल्ली-एनसीआर में गरज-चमक के साथ बारिश और 9 सितंबर तक सामान्य से मध्यम बारिश की चेतावनी दी है। इस साल दिल्ली में बारिश का स्तर 1,000 मिमी को पार कर गया है, जो औसत वार्षिक बारिश (774 मिमी) से कहीं अधिक है। बारिश और बाढ़ ने यातायात को भी प्रभावित किया है, जिससे रिंग रोड, निजामुद्दीन ब्रिज, और लोहा पुल पर आवागमन बंद है।
हवाई सेवाओं पर असर
लगातार बारिश और खराब मौसम ने दिल्ली हवाई अड्डे की उड़ानों को भी प्रभावित किया है। स्पाइसजेट ने यात्रियों को उड़ान की स्थिति जांचने की सलाह दी है। एयरलाइन ने एक्स पर पोस्ट किया, “दिल्ली में खराब मौसम के कारण सभी उड़ानें प्रभावित हो सकती हैं। कृपया अपनी उड़ान की स्थिति जांचें।” दिल्ली हवाई अड्डे ने भी यात्रियों को मेट्रो जैसे वैकल्पिक परिवहन साधनों का उपयोग करने की सलाह दी है।
प्रशासन की सलाह और सतर्कता
प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और निर्देशों का पालन करने की अपील की है। बच्चों और बुजुर्गों की सेहत के लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मच्छर जनित रोगों को रोकने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में कीटनाशक छिड़काव किया जा रहा है। दिल्ली सरकार और एनडीआरएफ बाढ़ की स्थिति पर 24 घंटे नजर रख रही है, और सभी बैराजों (हथनीकुंड, वजीराबाद, ओखला) से पानी के प्रवाह की निगरानी की जा रही है।
निष्कर्ष
यमुना का बढ़ता जलस्तर और लगातार बारिश दिल्ली और एनसीआर के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। श्मशान घाटों से लेकर राहत शिविरों तक, बाढ़ ने हर जगह तबाही मचाई है। प्रशासन राहत कार्यों में जुटा है, लेकिन मौसम की अनिश्चितता स्थिति को और जटिल कर सकती है। लोगों से सतर्क रहने और आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की गई है।




