नई दिल्ली, क्राइम डेस्क | वेब वार्ता
दिल्ली पुलिस के साउथ-वेस्ट डिस्ट्रिक्ट साइबर पुलिस स्टेशन ने एक बड़े निवेश धोखाधड़ी रैकेट का पर्दाफाश करते हुए 11 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी दिल्ली, मुंबई और राजस्थान से नेटवर्क चलाकर ‘उच्च रिटर्न’ का झांसा देकर लोगों से ठगी करते थे। इस गिरोह ने एक वरिष्ठ नागरिक से 22.67 लाख रुपये की ठगी की थी।
कैसे करते थे ठगी?
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी निवेश पर अधिक मुनाफा देने का लालच देकर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। इसके बाद उन्हें फर्जी प्लेटफॉर्म और खातों के जरिए पैसे ट्रांसफर करने के लिए कहा जाता था। एक बार रकम जमा होने के बाद आरोपी संपर्क तोड़ देते थे।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण
| आरोपी का नाम | उम्र |
|---|---|
| तजिंद्रा सिंह उर्फ लकी | 26 वर्ष |
| आशीष सैनी | 24 वर्ष |
| शिव दयाल सिंह | 28 वर्ष |
| शिवा | 18 वर्ष |
| गिरिराज किशोर | 18 वर्ष |
| प्रतिभा उर्फ पायल | 25 वर्ष |
| सतीश | 34 वर्ष |
| रामदेव सांगला | 50 वर्ष |
| प्रवीण कुमावत उर्फ लकी | 20 वर्ष |
| दीपक उर्फ देव | 35 वर्ष |
| त्रिलोक चंद नायक | 32 वर्ष |
बरामदगी में मिला बड़ा नेटवर्क
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में डिजिटल और बैंकिंग उपकरण बरामद किए हैं, जिनका इस्तेमाल ठगी के लिए किया जा रहा था। इससे इस रैकेट के व्यापक नेटवर्क का खुलासा हुआ है।
- 40 मोबाइल फोन
- 92 फर्जी सिम कार्ड
- 39 पासबुक/चेकबुक
- 27 एटीएम कार्ड
- 6 यूपीआई स्कैनर और 2 पीओएस मशीनें
कई राज्यों में फैला था नेटवर्क
जांच में पता चला कि यह गिरोह दिल्ली के अलावा मुंबई और राजस्थान में भी सक्रिय था। अलग-अलग राज्यों में नेटवर्क बनाकर ये लोग ठगी को अंजाम देते थे, जिससे इनकी पहुंच और प्रभाव काफी बड़ा था।
निष्कर्ष
दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई से एक बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। यह मामला आम लोगों के लिए चेतावनी भी है कि निवेश के नाम पर मिलने वाले आकर्षक ऑफर्स से सावधान रहें और किसी भी संदिग्ध प्लेटफॉर्म पर पैसा लगाने से पहले पूरी जांच करें।
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