नई दिल्ली, 08 अप्रैल (वेब वार्ता)। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी से मिली जानकारी के अनुसार, सीयूईटी-यूजी 2026 परीक्षा 11 से 31 मई के बीच आयोजित की जा सकती है। परीक्षा कार्यक्रम को लेकर अंतिम रूप जल्द जारी होने की उम्मीद है, जिससे लाखों विद्यार्थियों की तैयारी को स्पष्ट दिशा मिलेगी।
परीक्षा शुरू होते ही खुलेगा पंजीकरण पोर्टल
दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रवेश विभाग के डीन हनीत गांधी ने बताया कि जैसे ही सीयूईटी परीक्षा शुरू होगी, विश्वविद्यालय में पंजीकरण प्रक्रिया भी आरंभ कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि मई के तीसरे सप्ताह के आसपास पंजीकरण पोर्टल खोलने की तैयारी है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय का मुख्य लक्ष्य प्रवेश प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करना है, ताकि नए सत्र की कक्षाएं बिना देरी के शुरू हो सकें।
आवंटन प्रक्रिया को छोटा करने की तैयारी
हनीत गांधी के अनुसार, इस बार सीट आवंटन की अवधि को यथासंभव कम करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक चरण में एक या दो दिन की बचत भी होती है, तो इससे पूरी प्रक्रिया में तेजी लाई जा सकती है और छात्रों को समय पर प्रवेश मिल सकेगा।
प्रवेश प्रक्रिया में सुधार पर जोर
पिछले कुछ वर्षों में विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने सीयूईटी आधारित प्रवेश प्रणाली के कारण होने वाली देरी पर चिंता जताई थी। उनका मानना है कि इससे शैक्षणिक सत्र प्रभावित होता है।
इसी को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय सीएसएएस पोर्टल को अधिक छात्र अनुकूल बनाने पर काम कर रहा है। नए बदलावों के तहत छात्रों को बेहतर मार्गदर्शन देने के लिए अतिरिक्त संकेत और निर्देश जोड़े जाएंगे, ताकि आवेदन प्रक्रिया में गलतियों की संभावना कम हो सके।
छात्रों के लिए महत्वपूर्ण सलाह
प्रवेश विभाग ने छात्रों से अपील की है कि वे सीयूईटी परीक्षा के लिए उन्हीं विषयों का चयन करें, जो उन्होंने कक्षा 12 में पढ़े हैं। दोनों के बीच कम से कम 50 प्रतिशत समानता होना अनिवार्य है, जो विषय मिलान के लिए आवश्यक है।
यह प्रक्रिया सीएसएएस पोर्टल के माध्यम से होती है और दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रवेश का एक महत्वपूर्ण चरण मानी जाती है। ऐसे में छात्रों को विषय चयन करते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी न हो।



