नई दिल्ली, अन्तर्रष्ट्रीय डेस्क | वेब वार्ता
पश्चिम एशिया एयरस्पेस बंद होने की बड़ी खबर के बीच खाड़ी क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है। 28 फरवरी को कतर, कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अपने हवाई क्षेत्र को पूरी तरह बंद करने की घोषणा की। अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र में विस्फोटों और संभावित मिसाइल खतरों की सूचनाओं के बाद यह एहतियाती कदम उठाया गया है। एयरस्पेस बंद होने से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर व्यापक प्रभाव पड़ने की आशंका है।
पश्चिम एशिया एयरस्पेस बंद होने की इस स्थिति ने वैश्विक विमानन उद्योग, ऊर्जा आपूर्ति और क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरणों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। कई एयरलाइंस ने उड़ानों को रीरूट या अस्थायी रूप से निलंबित करने का फैसला लिया है।
अबू धाबी और कुवैत में धमाकों की खबर
संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी से जोरदार धमाके की सूचना मिली है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियां स्थिति की जांच कर रही हैं। वहीं कुवैत में भी कई स्थानों पर विस्फोटों की आवाजें सुनाई देने की खबर है। नागरिकों को घरों में रहने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
- देशभर में सायरन बजाए गए
- नागरिकों को घरों में रहने की अपील
- सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर
- आपातकालीन बैठकें आयोजित
कुवैत और बहरीन की आपात तैयारी
कुवैत सरकार ने आपातकालीन बैठक बुलाई है और सैन्य बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। इस बीच बहरीन ने पुष्टि की है कि अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के मुख्यालय को मिसाइल हमले का निशाना बनाया गया। बहरीन स्थित इस ठिकाने पर हमला क्षेत्रीय संघर्ष को और व्यापक बना सकता है।
| देश | स्थिति |
|---|---|
| कतर | एयरस्पेस पूरी तरह बंद |
| कुवैत | एयरस्पेस बंद, सेना हाई अलर्ट |
| यूएई | एयरस्पेस बंद, अबू धाबी में धमाके की सूचना |
| बहरीन | अमेरिकी पांचवें बेड़े मुख्यालय पर हमले की पुष्टि |
वैश्विक विमानन और ऊर्जा बाजार पर असर
पश्चिम एशिया एयरस्पेस बंद होने से यूरोप और एशिया के बीच संचालित कई लंबी दूरी की उड़ानों को वैकल्पिक मार्ग अपनाने पड़ सकते हैं। इससे उड़ान समय और ईंधन लागत में वृद्धि की संभावना है। ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि यदि तनाव लंबा खिंचता है तो तेल और गैस आपूर्ति पर भी प्रभाव पड़ सकता है।
आगे क्या
क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव और संभावित जवाबी कार्रवाइयों के बीच स्थिति अत्यंत संवेदनशील बनी हुई है। पश्चिम एशिया एयरस्पेस बंद रहने की अवधि अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां हालात की लगातार समीक्षा कर रही हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने संयम और कूटनीतिक समाधान की अपील की है।
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