Monday, January 26, 2026
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दावोस 2026 में यूपी ने ₹9,750 करोड़ के निवेश करार किए, स्वच्छ ऊर्जा, एआई और रक्षा क्षेत्र को नई रफ्तार

दावोस / लखनऊ, विशेष संवाददाता | वेब वार्ता

19 जनवरी 2026: स्विट्ज़रलैंड के दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum) 2026 में उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ी सफलता हासिल की है। वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना के नेतृत्व में पहुंचे राज्य प्रतिनिधिमंडल ने ₹9,750 करोड़ के निवेश करार (MoU) किए। यह समझौते स्वच्छ ऊर्जा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और रक्षा विनिर्माण जैसे भविष्य के प्रमुख क्षेत्रों में निवेश को नई गति देंगे। इस पहल में इन्वेस्ट यूपी की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिसने वैश्विक कंपनियों के साथ संवाद और सहयोग के जरिए उत्तर प्रदेश को एक फ्यूचर-रेडी निवेश हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में अहम कदम बढ़ाया।

₹9,750 करोड़ के करार: स्वच्छ ऊर्जा और एआई सिटी पर फोकस

सम्मेलन के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार ने सेल इंडस्ट्रीज लिमिटेड (SAEL Industries Ltd) के साथ ₹8,000 करोड़ के वेस्ट-टू-एनर्जी प्रोजेक्ट के लिए समझौता किया। वहीं, सिफी टेक्नोलॉजीज (Sify Technologies) के साथ ₹1,600 करोड़ के AI-रेडी डेटा सेंटर और नोएडा में एआई सिटी विकसित करने का करार हुआ। इसके अतिरिक्त योमन (Yeoman) कंपनी के साथ ₹150 करोड़ के रक्षा विनिर्माण और वेपन सिस्टम इंटीग्रेशन के लिए साझेदारी की गई। ये करार उत्तर प्रदेश को तकनीक-सक्षम, स्वच्छ और सतत विकास की दिशा में आगे ले जाने की बड़ी पहल माने जा रहे हैं।

वैश्विक कंपनियों से रणनीतिक मुलाकातें

प्रतिनिधिमंडल ने लुई ड्रेफस कंपनी (Louis Dreyfus Company) के साथ अपनी बैठकों की शुरुआत की और इसके बाद उबर टेक्नोलॉजीज (Uber Technologies), ऑटोमेशन एनीवेयर (Automation Anywhere), कॉल्ड्रन (Cauldron), पेप्सीको (PepsiCo), एचसीएल सॉफ्टवेयर (HCL Software), वेल्थ डोर (Wealth Door), अनुपम रसायन इंडिया लिमिटेड (Anupam Rasayan India Ltd), गूगल क्लाउड (Google Cloud), ग्रीनको (Greenko) और डेलॉयट साउथ एशिया (Deloitte South Asia) जैसी प्रमुख भारतीय और वैश्विक कंपनियों से निवेश वार्ताएं कीं। साथ ही, प्रतिनिधिमंडल ने कार्बन कंपास (Carbon Compass) के संस्थापक एवं CEO नीरज अग्रवाल (पूर्व नासा वैज्ञानिक, IIT कानपुर एवं MIT पूर्व छात्र) से भी मुलाकात कर क्लाइमेट इनोवेशन और सस्टेनेबिलिटी पर चर्चा की।

उबर के साथ निवेश और मोबिलिटी साझेदारी पर फोकस

उबर के साथ हुई विशेष बैठक में राज्य में मोबिलिटी इकोसिस्टम को मजबूत करने पर चर्चा हुई। कंपनी ने बताया कि वह उत्तर प्रदेश के 13 से अधिक स्थानों पर लगभग 1.5 लाख वाहनों का संचालन कर रही है। बैठक में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) स्थापित करने, पर्यटन और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी में निवेश बढ़ाने और नवाचार आधारित मोबिलिटी समाधान विकसित करने की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श हुआ।

नवाचार और डिजिटल विकास की दिशा में अग्रसर उत्तर प्रदेश

इन बैठकों और साझेदारियों के माध्यम से डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, नवीकरणीय ऊर्जा, फूड प्रोसेसिंग, ऑटोमेशन और वैश्विक व्यापार जैसे क्षेत्रों में ठोस अवसर सामने आए हैं। प्रतिनिधिमंडल ने राज्य की मजबूत नीतिगत संरचना, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और नवाचार आधारित विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत किया। इन्वेस्ट यूपी के माध्यम से हुए ये करार प्रदेश में रोजगार सृजन और आर्थिक विकास की नई दिशा तय करेंगे।

  • ₹9,750 करोड़ के कुल निवेश करार (MoU) पर हस्ताक्षर
  • स्वच्छ ऊर्जा, एआई, डेटा सेंटर और रक्षा विनिर्माण में निवेश पर फोकस
  • उबर, गूगल, HCL और डेलॉयट जैसी कंपनियों से साझेदारी
  • उत्तर प्रदेश को भविष्य के लिए तैयार निवेश हब बनाने की दिशा में कदम

दावोस 2026 में उत्तर प्रदेश की भागीदारी राज्य की वैश्विक पहचान को सशक्त करने और फ्यूचर-रेडी इकॉनमी के निर्माण की दिशा में एक निर्णायक पहल मानी जा रही है। यह कदम राज्य को निवेश, नवाचार और सतत विकास के क्षेत्र में भारत का अग्रणी प्रदेश बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

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