ईरान तनाव के बीच अमेरिका की सैन्य तैयारी तेज
वॉशिंगटन, 27 मार्च 2026 (वेब वार्ता)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक तरफ ईरान के साथ बातचीत पर जोर दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पश्चिम एशिया में सैन्य मौजूदगी बढ़ाने की तैयारी भी कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी रक्षा विभाग मिडिल ईस्ट में 10 हजार अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती पर विचार कर रहा है।
कुल 17 हजार अतिरिक्त सैनिक भेजने की तैयारी
बताया जा रहा है कि यदि इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के अलावा करीब 17 हजार अतिरिक्त सैनिक क्षेत्र में भेजे जा सकते हैं। ये सैनिक पहले से तैनात 40 से 50 हजार अमेरिकी सैनिकों के अतिरिक्त होंगे।
मरीन यूनिट और नौसेना बल भी होंगे शामिल
अमेरिकी सेना 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के कम से कम एक हजार सैनिकों को तैनात करने की तैयारी में है। इसके साथ ही पेंटागन दो मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट की तैनाती पर भी काम कर रहा है, जिसमें करीब पांच हजार मरीन और नौसेना के हजारों कर्मी शामिल होंगे।
हमलों पर अस्थायी रोक, वार्ता पर जोर
इस बीच ट्रंप ने ईरान के एनर्जी सेक्टर पर हमलों को 10 दिनों के लिए रोकने का फैसला किया है, जो 6 अप्रैल तक लागू रहेगा। इससे पहले 27 मार्च को हमलों की डेडलाइन पांच दिनों के लिए टाली गई थी।
ट्रंप ने ईरान को बातचीत का दिया संदेश
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ईरानी नेतृत्व से बातचीत शुरू करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बहुत देर होने से पहले वार्ता शुरू करना जरूरी है, क्योंकि हालात बिगड़ने के बाद वापसी का रास्ता नहीं बचेगा।
समझौते को लेकर विरोधाभासी दावे
ट्रंप ने दावा किया कि दोनों देश समझौते के करीब हैं, जबकि मध्यस्थों के अनुसार ईरान ने अतिरिक्त समय की मांग नहीं की है। ट्रंप का यह भी कहना है कि तेहरान समझौते के लिए दबाव बना रहा है।
क्षेत्रीय तनाव के बीच बढ़ी वैश्विक चिंता
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और अमेरिका की सैन्य तैयारियों ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस स्थिति का असर अंतरराष्ट्रीय राजनीति और ऊर्जा बाजार दोनों पर पड़ सकता है।



