वॉशिंगटन, 04 अप्रैल (वेब वार्ता)। Donald Trump ने मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य विमानों से जुड़ी घटनाओं पर अपनी पहली प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट किया है कि इन हादसों का ईरान के साथ चल रही वार्ता पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
एक साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा कि यह युद्ध की स्थिति है और ऐसे घटनाक्रम सामान्य हैं। उन्होंने इस बात को खारिज कर दिया कि हालिया घटनाओं से कूटनीतिक प्रयास प्रभावित होंगे।
संवेदनशील स्थिति का हवाला, विवरण साझा करने से इनकार
साक्षात्कार के दौरान ट्रंप ने दुर्घटनाग्रस्त विमानों से जुड़े खोज और बचाव अभियान पर विस्तृत जानकारी देने से इनकार कर दिया। उन्होंने इसे एक जटिल और सक्रिय सैन्य अभियान बताया और मीडिया की रिपोर्टिंग पर भी असंतोष जताया।
मिडिल ईस्ट में दो अमेरिकी विमान हादसे
मिडिल ईस्ट में शुक्रवार को दो अमेरिकी सैन्य विमानों से जुड़ी घटनाएं सामने आईं, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। पहले दावा किया गया कि एक एफ-15ई स्ट्राइक ईगल विमान को मार गिराया गया, जिसमें एक चालक दल के सदस्य को सुरक्षित निकाल लिया गया, जबकि दूसरे की तलाश जारी है।
दूसरे सदस्य को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। कुछ रिपोर्टों में उसे हिरासत में होने की बात कही गई है, जबकि अन्य में खोज अभियान जारी होने की जानकारी दी गई है।
दूसरे विमान के हादसे पर भी संशय
एक अमेरिकी अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर जानकारी दी कि क्षेत्र में एक और लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि यह दुर्घटना तकनीकी कारणों से हुई या उसे मार गिराया गया।
चालक दल की स्थिति और घटना के सटीक स्थान को लेकर भी अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
संघर्ष के बीच कूटनीतिक प्रयासों पर असर
रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष विराम को लेकर चल रहे प्रयासों में भी बाधा आई है। बताया जा रहा है कि तेहरान ने प्रस्तावित वार्ता में शामिल होने से इनकार कर दिया है, जिससे स्थिति और जटिल हो गई है।
मौजूदा हालात में क्षेत्र में तनाव चरम पर है और आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में जाएंगे, इस पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।



