नई दिल्ली, अन्तर्राष्ट्रीय डेस्क | वेब वार्ता
ट्रम्प का ईरान सैन्य अभियान बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है। 28 फरवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने घोषणा की कि अमेरिका ने ईरान में बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान शुरू किया है। यह कार्रवाई, उनके अनुसार, ईरानी शासन से उत्पन्न खतरे को समाप्त करने और अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है। इजरायल और अमेरिका द्वारा संयुक्त रूप से इस अभियान की पुष्टि किए जाने के बाद क्षेत्रीय हालात और संवेदनशील हो गए हैं।
ट्रम्प का ईरान सैन्य अभियान बयान में यह भी स्पष्ट किया गया कि अमेरिका और इजरायल ने पहले ही ईरान को उसके परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों को लेकर चेतावनी दी थी। राष्ट्रपति ने कहा कि यह अभियान उन्हीं सुरक्षा चिंताओं का जवाब है।
सैन्य कार्रवाई की पुष्टि और उद्देश्य
इजरायल के रक्षा मंत्री ने ऑपरेशन की पुष्टि करते हुए इसे क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम बताया। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि इस अभियान का लक्ष्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम और उससे जुड़े सैन्य ढांचे को कमजोर करना है।
- ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर सख्त रुख
- बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को लेकर चेतावनी
- अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा प्राथमिकता
- संयुक्त अमेरिका-इजरायल अभियान
7 अक्टूबर हमले का जिक्र
ट्रम्प का ईरान सैन्य अभियान बयान में राष्ट्रपति ने 7 अक्टूबर के हमले का उल्लेख करते हुए कहा कि ईरान समर्थित प्रॉक्सी हमास ने इजरायल पर हमला किया था, जिसमें एक हजार से अधिक लोगों की जान गई थी और 46 अमेरिकी नागरिक भी मारे गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान दुनिया में आतंकवाद का प्रमुख प्रायोजक है।
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| बयान देने वाले | डोनाल्ड ट्रम्प |
| कार्रवाई | ईरान में व्यापक सैन्य अभियान |
| मुख्य कारण | परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम |
| चेतावनी | हथियार छोड़ने और माफी स्वीकार करने की अपील |
आईआरजीसी को चेतावनी
राष्ट्रपति ट्रम्प ने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) और अन्य सैन्य बलों को चेतावनी दी कि वे अपने हथियार डाल दें और पूर्ण माफी का लाभ उठाएं, अन्यथा उन्हें कठोर परिणामों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई केवल वर्तमान सुरक्षा स्थिति के लिए नहीं, बल्कि भविष्य में संभावित खतरों को रोकने के लिए भी है।
क्षेत्रीय और वैश्विक प्रभाव
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रम्प का ईरान सैन्य अभियान बयान पश्चिम एशिया में तनाव को और बढ़ा सकता है। यदि यह संघर्ष व्यापक रूप लेता है तो ऊर्जा बाजार, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय संयम और संवाद की अपील कर रहा है।
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