नई दिल्ली, नेशनल डेस्क | वेब वार्ता
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वैश्विक व्यापार नीति में बड़ा बदलाव करते हुए ग्लोबल टैरिफ दर को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने का ऐलान किया है। यह फैसला अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा पहले लगाए गए 10 प्रतिशत टैरिफ पर रोक लगाए जाने के मात्र 48 घंटे बाद सामने आया है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यह कदम अमेरिकी सुरक्षा, उद्योग और रोजगार की रक्षा के लिए उठाया गया है और इसे तत्काल प्रभाव से लागू किया जाएगा।
व्हाइट हाउस से ट्रंप का सख्त बयान
व्हाइट हाउस में प्रेस ब्रीफिंग के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा,
“अमेरिका की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। अब 15 प्रतिशत ग्लोबल टैरिफ लगाया जाएगा। कोई भी देश हमें कमजोर नहीं समझ सकता।”
उन्होंने कहा कि यह फैसला अमेरिकी किसानों, श्रमिकों और उद्योगों के हित में लिया गया है।
टैरिफ फैसले का क्रमबद्ध घटनाक्रम
| तारीख | घटना | विवरण |
|---|---|---|
| 19 फरवरी 2026 | पहला ऐलान | 10% ग्लोबल टैरिफ की घोषणा |
| 20 फरवरी 2026 | कोर्ट की रोक | सुप्रीम कोर्ट ने टैरिफ पर रोक लगाई |
| 21 फरवरी 2026 | नया फैसला | टैरिफ बढ़ाकर 15% किया गया |
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने पहले निर्णय में कहा था कि बिना कांग्रेस की मंजूरी के टैरिफ लागू नहीं किया जा सकता, लेकिन बाद में इसे केवल प्रक्रियागत मुद्दा बताया गया।
भारत समेत कई देशों पर पड़ेगा असर
राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया कि नया टैरिफ सभी देशों पर समान रूप से लागू होगा, जिसमें भारत, चीन, यूरोपीय संघ और कनाडा शामिल हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत से अमेरिका को होने वाले इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्सटाइल, फार्मा और ऑटो पार्ट्स निर्यात पर सीधा असर पड़ेगा।
भारत पर संभावित आर्थिक प्रभाव
आर्थिक विश्लेषकों का अनुमान है कि नए टैरिफ से भारतीय निर्यातकों को 5 से 7 अरब डॉलर तक का नुकसान हो सकता है। इससे छोटे और मध्यम उद्योगों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ेगा।
वैश्विक बाजारों में दिखा असर
टैरिफ बढ़ोतरी की घोषणा के बाद वैश्विक बाजारों में अस्थिरता देखने को मिली।
- अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट
- डॉलर मजबूत हुआ
- रुपये पर दबाव बढ़ा
- एशियाई बाजारों में कमजोरी
चीन और यूरोपीय संघ की प्रतिक्रिया
चीन ने इस फैसले को “आर्थिक युद्ध” करार देते हुए जवाबी टैरिफ की चेतावनी दी है। वहीं, यूरोपीय संघ ने इसे गैर-जिम्मेदाराना कदम बताते हुए विश्व व्यापार संगठन में चुनौती देने की बात कही है।
‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति पर कायम ट्रंप
ट्रंप ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा,
“हम अमेरिका फर्स्ट नीति को और मजबूत करेंगे। 15% टैरिफ सिर्फ शुरुआत है।”
उन्होंने संकेत दिए कि आगे और सख्त फैसले लिए जा सकते हैं।
भारत सरकार की प्रतिक्रिया
विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा है कि सरकार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। वाणिज्य मंत्रालय ने संकेत दिए हैं कि अमेरिका के साथ द्विपक्षीय वार्ता के जरिए राहत की कोशिश की जाएगी।
विशेषज्ञों की चेतावनी
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से वैश्विक व्यापार युद्ध दोबारा तेज हो सकता है। यदि जवाबी टैरिफ लगाए गए, तो इससे विश्व अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लग सकता है।
ट्रंप के इस कदम से साफ है कि वह अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद अपनी व्यापार नीति पर पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।
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