कीव/निप्रोपेत्रोव्स्क, अंतरराष्ट्रीय डेस्क | वेब वार्ता
दक्षिण-पूर्वी यूक्रेन के निप्रोपेत्रोव्स्क क्षेत्र में रूसी सेना के एक ड्रोन हमले में बड़ा जानमाल का नुकसान हुआ है। खदान में काम करने जा रहे खनिकों को ले जा रही बस पर हुए इस हमले में कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि 7 अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
ऊर्जा कर्मियों को बनाया गया निशाना
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने इस हमले को ऊर्जा क्षेत्र के कर्मियों पर लक्षित हमला करार दिया। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि यह हमला केवल नागरिकों पर नहीं, बल्कि यूक्रेन की ऊर्जा व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश है।
ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर बढ़ता दबाव
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि हाल के दिनों में रूसी हमलों के कारण यूक्रेन के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। इससे आम नागरिकों को बिजली, हीटिंग और अन्य आवश्यक सेवाओं को लेकर गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
4–5 फरवरी को शांति वार्ता का नया दौर
इस बीच यूक्रेन ने जानकारी दी है कि 4 और 5 फरवरी को शांति वार्ता के नए दौर की शुरुआत की जाएगी। यूक्रेनी सरकार का कहना है कि वह सार्थक और निष्पक्ष बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए रूस को हमले रोकने होंगे।
- ड्रोन हमले में 15 खनिकों की मौत
- बस को बनाया गया सीधा निशाना
- 7 लोग गंभीर रूप से घायल
- यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे पर हमले तेज
- 4–5 फरवरी को शांति वार्ता की घोषणा
विशेषज्ञों का मानना है कि ऊर्जा और औद्योगिक कर्मियों को निशाना बनाना संघर्ष को और अधिक मानवीय संकट की ओर ले जा सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय से एक बार फिर युद्ध रोकने और कूटनीतिक समाधान की अपील तेज हो गई है।
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