Monday, January 26, 2026
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हमारे पास समुद्र में अमेरिका से ज्यादा परमाणु पनडुब्बियां: रूसी सांसद का ट्रंप पर पलटवार

मॉस्को, (वेब वार्ता)। रूस और अमेरिका के बीच सैन्य बयानबाज़ी एक बार फिर तेज हो गई है। हाल ही में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा की गई टिप्पणी पर पलटवार करते हुए रूस के वरिष्ठ सांसद विक्टर वोडोलात्स्की ने दावा किया है कि वर्तमान समय में रूस के पास समुद्र में अमेरिका से अधिक परमाणु पनडुब्बियां तैनात हैं। यह बयान उस समय आया है जब ट्रंप ने दो अमेरिकी परमाणु पनडुब्बियों को “उपयुक्त क्षेत्रों” में भेजे जाने की बात कही थी।

ट्रंप की धमकी पर रूस का जवाब: “हम पहले से निगरानी में रखते हैं”

राज्य ड्यूमा की सीआईएस मामलों, यूरेशियन एकीकरण और प्रवासी संबंध समिति के उपाध्यक्ष वोडोलात्स्की ने कहा कि ट्रंप के जहाज पहले से ही रूस की निगरानी में हैं और उनके बयानों पर प्रतिक्रिया देने की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा,

“हमारे पास महासागरों में अमेरिका से कहीं ज्यादा न्यूक्लियर सबमरीन हैं और वे अत्याधुनिक हथियारों से लैस हैं। ट्रंप की दो पनडुब्बियां हमारे लिए कोई चिंता का विषय नहीं हैं।”

ट्रंप ने क्यों दी परमाणु पनडुब्बियां भेजने की धमकी?

पूर्व रूसी राष्ट्रपति और सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष दिमित्री मेदवेदेव के एक भड़काऊ बयान के जवाब में, ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ’ पर लिखा कि उन्होंने दो परमाणु पनडुब्बियों को “उपयुक्त क्षेत्रों” में तैनात करने का आदेश दिया है। ट्रंप ने लिखा:

“शब्द मायने रखते हैं। कई बार वे अनचाहे परिणामों की ओर ले जाते हैं। मैं आशा करता हूं कि यह ऐसा कोई मामला नहीं बनेगा।”

हालांकि, उन्होंने न तो पनडुब्बियों का नाम बताया और न ही उनकी तैनाती का स्थान।

मेदवेदेव का जवाब: ट्रंप का हर अल्टीमेटम युद्ध की ओर एक कदम

मेदवेदेव ने ‘एक्स’ (पूर्व ट्विटर) पर लिखा कि ट्रंप का हर नया अल्टीमेटम अमेरिका और रूस के बीच युद्ध की संभावना को बढ़ाता है। उन्होंने कहा:

“ट्रंप को याद रखना चाहिए कि रूस न तो इज़राइल है और न ईरान। हर नया अल्टीमेटम युद्ध की दिशा में एक कदम है – अपने ही देश से युद्ध की दिशा में।”

रूस की शांति पहल की वकालत

वोडोलात्स्की ने कहा कि अमेरिका को चाहिए कि वह धमकियों की बजाय वार्ता और आपसी समझौतों की दिशा में काम करे। उन्होंने सुझाव दिया कि दोनों देशों को वार्ताकार समूह बनाकर प्रतिनिधिमंडलों की यात्राएं शुरू करनी चाहिए ताकि एक दीर्घकालिक रूस-अमेरिका समझौता हो सके और तीसरे विश्व युद्ध की आशंका समाप्त हो।

ट्रम्प का बड़ा ऐलान: रूस के समीप दो अमेरिकी परमाणु पनडुब्बियों की तैनाती

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