इस्लामाबाद, 02 अप्रैल (वेब वार्ता)। मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच पाकिस्तान की सक्रियता अब उसी पर भारी पड़ती नजर आ रही है। अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमले के बाद पाकिस्तान लगातार कूटनीतिक संतुलन साधने की कोशिश करता दिखा, लेकिन अब उसे इसके नकारात्मक परिणाम भुगतने पड़ रहे हैं।
पाकिस्तान एक ओर ईरान और अमेरिका दोनों के साथ संबंध बनाए रखने में उलझा हुआ है, वहीं सऊदी अरब के खुलकर सामने आने से उसकी स्थिति और कमजोर हो गई है। खुद को शांति स्थापित करने वाले देश के रूप में प्रस्तुत करने की उसकी कोशिश भी सफल नहीं हो सकी है।
कतर ने दिया झटका
पश्चिम एशिया के देश कतर ने पाकिस्तान को बड़ा झटका देते हुए पाकिस्तानी नागरिकों के लिए पहुंचने पर मिलने वाली वीजा सुविधा को फिलहाल बंद कर दिया है। इस फैसले के बाद कतर जाने वाले पाकिस्तानियों के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं।
पाकिस्तान के दूतावास ने जारी सलाह में कहा है कि बिना पूर्व वीजा के कतर पहुंचने वाले यात्रियों को हवाई अड्डे पर परेशानी का सामना करना पड़ सकता है और उन्हें प्रवेश से भी रोका जा सकता है।
दूतावास की चेतावनी
कतर स्थित पाकिस्तानी दूतावास ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा हालात को देखते हुए पहुंचने पर वीजा की सुविधा फिलहाल उपलब्ध नहीं है। सभी नागरिकों को कतर जाने से पहले आवश्यक वीजा लेना अनिवार्य कर दिया गया है।
दूतावास ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे यात्रा से पहले आधिकारिक माध्यमों से पूरी जानकारी प्राप्त करें और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित अधिकारियों या वीजा केंद्र से संपर्क करें।
भारत को मिल रही सुविधा जारी
जहां पाकिस्तान को इस फैसले से झटका लगा है, वहीं भारत और कतर के मजबूत संबंधों का असर साफ दिखाई दे रहा है। तनावपूर्ण हालात के बावजूद भारतीय नागरिकों के लिए पहुंचने पर वीजा की सुविधा जारी रखी गई है।
28 फरवरी 2026 से कतर सरकार ने उन सभी प्रवेश वीजा की अवधि स्वतः 30 दिन के लिए बढ़ा दी थी, जिनकी अवधि समाप्त होने वाली थी। यह सुविधा पहले से कतर में मौजूद लोगों को दी गई थी।
भारतीय यात्रियों के लिए नियम
नए भारतीय यात्रियों के लिए भी वीजा से जुड़े नियम पहले जैसे ही बने हुए हैं। यात्रा के लिए पासपोर्ट की वैधता कम से कम छह महीने होनी चाहिए। इसके साथ ही वापसी या आगे की यात्रा का पक्का टिकट और स्वास्थ्य बीमा अनिवार्य है।
कतर अब भी भारतीय पासपोर्ट धारकों को पहुंचने पर 30 दिन का निःशुल्क वीजा प्रदान कर रहा है, जो मौजूदा परिस्थितियों में भारत-कतर संबंधों की मजबूती को दर्शाता है।



