Tuesday, January 27, 2026
व्हाट्सएप पर हमसे जुड़ें

भारत का नक्शा बदल देंगे…’ सनसनीखेज खुलासा: आतंकियों के साथ नई साजिश में PAK, आसिम मुनीर के कारनामे बेनकाब

नई दिल्ली, राष्ट्रीय डेस्क | वेब वार्ता

ऑपरेशन सिंदूर में भारत के हाथों करारी शिकस्त के बाद पाकिस्तान की सेना एक बार फिर आतंकी संगठनों के साथ मिलकर भारत विरोधी साजिश रचती नजर आ रही है। ताजा घटनाक्रम में प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और जमात-उद-दावा (JuD) के नेताओं ने खुले मंच से भारत के खिलाफ जहर उगला है। सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि यह सब पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर और शहबाज शरीफ सरकार की मौन सहमति से हो रहा है।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद बदली पाकिस्तान की रणनीति

सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान के भीतर सेना और सरकार पर भारी दबाव बना हुआ है। इसी दबाव से ध्यान भटकाने और घरेलू असंतोष को भारत विरोधी उन्माद में बदलने के लिए आतंकी संगठनों को फिर से आगे किया जा रहा है। यही वजह है कि हाल के दिनों में आतंकी मंचों से भारत के खिलाफ बेहद भड़काऊ बयान सामने आए हैं।

आतंकियों ने खुद खोली पाकिस्तानी सेना की पोल

CNN-News18 की एक रिपोर्ट में जारी वीडियो के मुताबिक, पाकिस्तान के रहीम यार खान में एक आतंकी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मंच पर लश्कर-ए-तैयबा के टॉप कमांडर सैफुल्लाह कसूरी और हाफिज सईद के करीबी आतंकियों के साथ-साथ जमात-उद-दावा के अताउल्लाह घिलजई ने भारत विरोधी बयान दिए।

चौंकाने वाली बात यह रही कि इन आतंकियों ने खुले तौर पर स्वीकार किया कि उन्हें पाकिस्तानी सेना का समर्थन हासिल है। यह बयान एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान के उस दावे की पोल खोलता है, जिसमें वह खुद को आतंकवाद से अलग बताता रहा है।

‘भारत का नक्शा बदल देंगे’ — घिलजई की खुली धमकी

जमात-उद-दावा के नेता अताउल्लाह घिलजई ने रैली को संबोधित करते हुए बेहद भड़काऊ बयान दिया। उसने कहा कि वे भारत का नक्शा बदलने की क्षमता रखते हैं और इसके लिए पूरी तरह तैयार हैं। घिलजई ने दावा किया कि आतंकी संगठन पाकिस्तानी सेना के साथ तालमेल में काम कर रहे हैं और सेना तथा राजनीतिक नेतृत्व को उनके साथ बैठने का न्योता भी दिया गया है।

आतंकी नेतासंगठनमुख्य बयान
अताउल्लाह घिलजईजमात-उद-दावाभारत का नक्शा बदलने की धमकी
सैफुल्लाह कसूरीलश्कर-ए-तैयबामदरसे से जिहादी तैयार करने की बात

घिलजई ने अपने भाषण में यह भी कहा कि “काफिरों और दुश्मनों की साजिशों” के बावजूद पाकिस्तान आगे बढ़ रहा है, जो स्पष्ट रूप से धार्मिक उन्माद और हिंसा को正 ठहराने का प्रयास माना जा रहा है।

मदरसे में ‘तालिबान जैसे लड़ाके’ तैयार करने की बात

लश्कर-ए-तैयबा के शीर्ष कमांडर सैफुल्लाह कसूरी ने इससे भी आगे बढ़ते हुए पाकिस्तान की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने का ऐलान किया। उसने कहा कि मदरसों के छात्र जिहाद के लिए तैयार हैं और पाकिस्तान को डॉक्टर या इंजीनियर नहीं, बल्कि तालिबान शैली के प्रशिक्षित लड़ाकों की जरूरत है, ताकि शरिया कानून लागू किया जा सके।

आसिम मुनीर की भूमिका पर फिर उठे सवाल

सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि ये बयान अचानक नहीं आए हैं। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर के नेतृत्व में सेना और आतंकी संगठनों के बीच नई सांठगांठ सामने आ रही है। कश्मीर केंद्रित इन बयानों का उद्देश्य पाकिस्तान के भीतर सेना के खिलाफ उठ रहे सवालों से ध्यान हटाना और भारत को दुश्मन के रूप में पेश करना है।

निष्कर्ष

रहीम यार खान से आए ये बयान एक बार फिर यह साबित करते हैं कि पाकिस्तान में आतंकवाद और सेना एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। भारत के खिलाफ खुले मंच से दी जा रही धमकियां न केवल क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा हैं, बल्कि पाकिस्तान के दोहरे चरित्र को भी उजागर करती हैं। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में भारत को कूटनीतिक और सुरक्षा दोनों स्तरों पर सतर्क रहने की जरूरत है।

👉 राष्ट्रीय सुरक्षा, आतंकवाद और पाकिस्तान से जुड़ी हर बड़ी खबर के लिए हमारे व्हाट्सएप्प चैनल को फॉलो करें

ये भी पढ़ें: पाकिस्तानी आर्मी चीफ आसिम मुनीर का भारत के खिलाफ परमाणु धमकी भरा बयान, क्षेत्रीय तनाव बढ़ा

Author

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img
spot_img

Latest

spot_img
spot_img

More articles

spot_img