Wednesday, January 14, 2026
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नोबेल शांति पुरस्कार ट्रांसफर विवाद: मारिया कोरिना मचाडो के बयान पर नोबेल कमेटी का साफ इनकार, ट्रंप का उत्साह – क्या है पूरा मामला?

नई दिल्ली/ओस्लो, विशेष संवाददाता | वेब वार्ता 

नोबेल शांति पुरस्कार को लेकर एक नया विवाद छिड़ गया है। वेनेजुएला की विपक्षी नेता और 2024 की नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मारिया कोरिना मचाडो ने हाल ही में कहा था कि वह यह पुरस्कार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को देना चाहती हैं। इस बयान के बाद नॉर्वे की नोबेल कमेटी ने स्पष्ट बयान जारी कर दिया है कि नोबेल शांति पुरस्कार न तो किसी को ट्रांसफर किया जा सकता है, न ही इसे वापस लिया जा सकता है। एक बार घोषणा हो जाने के बाद यह निर्णय हमेशा के लिए मान्य हो जाता है।

नोबेल कमेटी का आधिकारिक बयान

नोबेल शांति पुरस्कार कमेटी ने कहा: “नोबेल पुरस्कार एक व्यक्तिगत सम्मान है, जिसे विजेता को ही दिया जाता है। इसे किसी अन्य व्यक्ति को ट्रांसफर, साझा या वापस नहीं किया जा सकता। पुरस्कार की प्रकृति स्थायी और अपरिवर्तनीय है।”

यह बयान मारिया कोरिना मचाडो के उस बयान के बाद आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि ट्रंप के नेतृत्व में कई युद्धों को रोकने के प्रयासों के कारण उन्हें यह पुरस्कार ट्रंप को देना चाहिए।

ट्रंप का उत्साह और बयान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा कि अगले सप्ताह अमेरिका दौरे पर आने वाली मारिया कोरिना मचाडो से वह इस प्रस्ताव पर चर्चा करेंगे। ट्रंप ने कहा: “मुझे लगता है कि उनका आना बहुत अच्छी बात है, और मेरी समझ से इसका यही कारण है। मैंने अपने दूसरे कार्यकाल के 8 महीनों में 8 बड़े युद्धों को रोका है। हर उस युद्ध के लिए नोबेल पुरस्कार मिलना चाहिए जिसे आपने रोका हो। ये ऐसे युद्ध थे जिनके बारे में किसी ने सोचा भी नहीं था कि उन्हें रोका जा सकता है।”

ट्रंप पहले भी कई बार खुद को नोबेल शांति पुरस्कार का हकदार बता चुके हैं।

अमेरिका-वेनेजुएला तनाव का पृष्ठभूमि

यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी हो चुकी है और उन्हें अमेरिका में मुकदमा चलाने के लिए लाया गया है। इसके बाद भी मारिया कोरिना मचाडो ने देश का सर्वोच्च पद ग्रहण नहीं किया। वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने मादुरो का स्थान लिया है। तेल भंडार को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है।

नोबेल पुरस्कार की नियमावली: ट्रांसफर या वापसी संभव नहीं

नोबेल शांति पुरस्कार की आधिकारिक नियमावली के अनुसार:

  • पुरस्कार केवल विजेता को ही दिया जाता है।
  • इसे किसी अन्य व्यक्ति को ट्रांसफर नहीं किया जा सकता।
  • एक बार घोषणा हो जाने के बाद निर्णय अपरिवर्तनीय होता है।
  • विजेता इसे स्वीकार करने या अस्वीकार करने का हकदार होता है, लेकिन इसे किसी और को देने का प्रावधान नहीं है।

प्रमुख बिंदु एक नजर में

बिंदुविवरण
पुरस्कार विजेतामारिया कोरिना मचाडो (वेनेजुएला, 2024)
प्रस्तावित ट्रांसफरडोनाल्ड ट्रंप (अमेरिकी राष्ट्रपति)
नोबेल कमेटी का बयानपुरस्कार ट्रांसफर या वापसी संभव नहीं
ट्रंप का बयानमचाडो से चर्चा करेंगे, 8 युद्ध रोके हैं
पृष्ठभूमिवेनेजुएला में मादुरो गिरफ्तारी, तेल विवाद
नोबेल की गरिमा और राजनीतिक उपयोगिता का टकराव

मारिया कोरिना मचाडो का यह बयान और ट्रंप का उत्साह नोबेल शांति पुरस्कार की गरिमा और राजनीतिक उपयोगिता के बीच टकराव को उजागर करता है। नोबेल कमेटी ने स्पष्ट कर दिया है कि पुरस्कार व्यक्तिगत सम्मान है और इसे ट्रांसफर नहीं किया जा सकता। यह घटना विश्व स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई है और आने वाले दिनों में और बहस छिड़ने की संभावना है।

यह मामला न केवल नोबेल पुरस्कार की पवित्रता को रेखांकित करता है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति में पुरस्कारों के इस्तेमाल पर भी सवाल खड़े करता है।

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